कल से शुरू हो रहे हैं मां दुर्गा के चैत्र नवरात्रे, इस बार मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी - Shivpuri News

शिवपुरी। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरूआत होती है। इस बार नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो रहीं हैं, जो 11 अप्रैल सोमवार तक चलेंगी। इस बार नवरात्रि पर देवी माता घोडे पर सवार होकर आ रही हैं। इसे शुभ माना जाता है। वहीं अगर नवरात्रि की शुरूआत रविवार या सोमवार से होती है तो मां हाथी पर सवार होकर आती हैं।

नवरात्रि पर्व को लेकर शिवपुरी में इस बार अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है। कोरोना काल के कारण विगत 2 वर्ष से नवरात्रि पर्व प्रभावित रहे थे। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण लगभग समाप्तप्राय: है और सरकार ने सभी छूटों से उन्मुक्ति प्रदान की है। जिससे लोगों में नवरात्रि पर्व मनाने के लिए अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है। माता के मंदिरों की साफ-सफाई और सजावट भी की जा रही है। इस बार बालारी माता के मंदिर पर भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलेगी। नवरात्रि पर्व पर यहां नेजे चढ़ाए जाते हैं और दूर-दूर से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग माता के दर्शनों के लिए पधारते हैं।

9 स्वरूपों की होती है पूजा

नवरात्रि के 9 दिन मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजन का विदान है। दूसरे दिन ब्रह्मचारणी, तीसरा चंद्रघंटा, चौथा कुषमांडा, पांचवा स्कंदमाता, छठवां कत्यायनी, सातवां कालरात्रि, आठवां मां महागौरी और नवां दिन मां सिद्धीरात्रि को समर्पित होता है। पंचाग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 11:53 मिनिट से शुरू होगी और 2 अप्रैल शनिवार को सुबह 11:58 मिनिट पर समाप्त होगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और इसके बाद सभी 9 दिन कलश की पूजा की जाती है।

सालभर में मनाए जाते हैं चार बार नवरात्रि पर्व

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। सालभर में चार बार नवरात्रि पर्व मनाए जाते हैं। दो गुप्त नवरात्रि और एक चैत्र और शारदीय नवरात्रि।

नवरात्रि पर्व पर व्रत रखने का है विशेष महत्व

मान्यता के अनुसार नवरात्रि के 9 दिन बहुत शुभ होते हैं। ऐसे में व्रत रखने से इंसान की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और व्रत रखने वालों को विशेष फलों की प्राप्ति भी होती है। कहा जाता है जो भी नवरात्रि में उपवास करता है, उस पर मां दुर्गा की विशेष कृपा होती है। इसके साथ ही उसके सुख शांति एवं समृद्धि में वृद्धि होती है। व्रत रखने से तन-मन और आत्मा की शुद्धि होती है। कहा जाता है कि जो भक्त नवरात्रि का व्रत रखते हैं उन्हें उत्तम लोक की प्राप्ति होती है। उनके जीवन में सारी समस्याओं का अंत होता है। मान्यता यह भी है कि इन दिनों में व्रत रखने वाले मनुष्य को स्वर्गलोक भी प्राप्त होता है।