गुड न्यूज: सूरज डूबने के बाद भी पर्यटकों से जगमग रहेगा नेशनल पार्क, नाईट सफारी की तैयारी शुरू - Shivpuri News

शिवपुरी। माधव नेशनल पार्क से लगातार शिवपुरी के पर्यटन को बढावा देने के लिए लगातार गुड न्यूज आ रही हैं,बताया जा रहा हैं कि शिवपुरी का माधव नेशनल पार्क अपने सैलानियों की सुविधा के लिए रात्रि में भी खुला रहेगा,पार्क में नाइट सफारी के लिए काम शुरू कर दिया गया हैं। पार्क प्रबंधन का मानना है कि दिन से अधिक जानवर रात में दिखाई देते हैं। इसलिए रात के अंधियारे में पर्यटकों को पार्क भ्रमण की सुविधा शुरू कर रहा हैं।

शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में अभी‎ तक दिन के समय ही सैलानी‎ घूमने जाते थे। नाइट सफारी शुरू‎ करने के सुझावों को देखते हुए‎ पार्क प्रबंधन इसकी शुरुआत कर‎ रहा है। रूट चार्ट के साथ अन्य‎ क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई जाना है,‎ इसे लेकर पूरी कार्ययोजना बन रही‎ है। कार्ययोजना बनते ही नाइट‎ सफारी चालू कर दी जाएगी।‎ नेशनल पार्क के अंदर रात में वन्य‎ प्राणियों को देखने को अलग ही‎ रोमांच रहेगा। इसे लेकर सैलानियों‎ में उत्साह होना लाजमी है।‎

नाइट सफारी में पार्क की गाड़ी व स्टाफ मौजूद रहेगा‎ नेशनल पार्क में नाइट सफारी के लिए प्रबंधन अपनी गाड़ी और स्टाफ को‎ रखेगा। दिन के समय लोग निजी गाड़ियों से घूम सकेंगे। लेकिन सुरक्षा के‎ ‎ लिहाज से पार्क प्रबंधन‎ ‎ अपनी निगरानी में ही‎ ‎ सैलानियों को नाइट‎ ‎ सफारी कराएगा। नाइट‎ ‎ सफारी का चार्ज क्या‎ ‎ रहेगा, इसे लेकर भी‎ ‎ अभी स्पष्ट निर्णय नहीं‎ ‎ हो सका है। पार्क प्रबंधन‎ सैलानियों को घुमाने गश्ती दल वाहन का उपयोग करेगा।‎ प्रस्ताव तैयार हाेते ही नाइट‎ सफारी प्रारंभ कर देंगे‎

अधिक जानवार वाले क्षेत्र की तैयारी

साल 2018 की वन्य प्राणी गणना के‎ अनुसार नेशनल पार्क में 166 तेंदुए हैं।‎ इनकी तादाद बढ़ने का अनुमान है। तेंदुए‎ अक्सर रात में ही नजर आते हैं। इसलिए‎ सैलानी आसानी से देख सकेंगे। इसके‎ अलावा सियार व अन्य जानवर भी‎ मिलेंगे। रूट चार्ट इसी आधार पर बन रहा‎ है कि किस क्षेत्र में वन्य प्राणी अधिक‎ संख्या में रहते हैं,उन्हीं स्थानों पर नाइट‎ सफारी कराई जाएगी।‎

रात में तेंदुआ आसानी से दिख जाता हैं

नाइट सफारी शुरू करने के लिए‎ रूट चार्ट बना रहे हैं। प्रस्ताव तैयार‎ हाेते ही नाइट सफारी प्रारंभ कर‎ देंगे। नाइट सफारी में सिर्फ पार्क के‎ वाहनों का इस्तेमाल होगा। अलग‎ से चार्ज रहेगा या नहीं, इसे लेकर‎ अभी तय नहीं हुआ है।‎
अनिल सोनी, असिस्टेंट डायरेक्टर,‎ माधव नेशनल पार्क