Shivpuri news- नेशनल पार्क का 6 जगह सुलग उठा जंगल,आग पर काबू करने पडी मशक्त,खेतो तक पहुंची आग

शिवपुरी। माधव राष्ट्रीय उद्यान के सुरवाया थाना क्षेत्र में शिवपुरी-झांसी मार्ग से सटे हुए क्षेत्र में शुक्रवार देर रात आग भड़क गई। जंगल में देखते ही देखते छह अलग-अलग क्षेत्रों में यह आग फैल गई। फैलते-फैलते आग ने कुछ किसानों की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया।

शनिवार को दिनभर पार्क प्रबंधन और फायर बिग्रेड का अमला आग बुझाने के प्रयासों में जुटा रहा। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन अभी इसे पूरी तरह से बुझाया नहीं जा सका है। इसके कारण इसके फैलने की आशंका भी बनी हुई है। आग को फैलने से रोकने के लिए पार्क प्रबंधन ने फायर लाइन बना दी है। फिलहाल अभी किसी भी वन्य जीव को इसके चलते नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

आग फैलने के बाद नेशनल हाइवे पर ऊपर तक धुएं का गुब्बार उठता हुआ देखा जा सकता था। पार्क प्रबंधन के अनुसार चार जगहों पर करीब 375 मीटर स्क्वेयर और दो जगहों पर 100 मीटर स्क्वेयर के क्षेत्र में आग धधकी है। अभी आग लगने के कोई कारण सामने नहीं आए हैं, लेकिन इस क्षेत्र में हर साल इस समय पर आगजनी की घटनाएं सामने आती हैं। नवरात्र में राष्ट्रीय उद्यान के अंदर आने वाले बलारपुर में मेला भरता है। इस मेले में लाखों की संख्या में श्रृद्धालु पहुंचते हैं। इससे यहां आगजनी की घटना सामने आती है।

प्रारंभिक तौर पर दो कारण आए सामने
बलारपुर क्षेत्र में मेला भरने के दौरान ग्रामीण अंचल के लोग पैदल ही मंदिर तक जाते हैं। यह लोग रात में निकलते हैं और सुबह मंदिर पहुंचते हैं। रात में जंगल में देखने में कठिनाई होती है इसलिए कई बार ग्रामीण आसपास थोड़ी आग जला देते हैं और फिर यही बड़ी आगजनी का कराण बन जाता है। दूसरा ऐसा भी बताया जाता है कि यहां मान्यता है कि जंगल में आग जलाने से परेशानियां खत्म होती हैं। पार्क प्रबंधन को आशंका है कि इस अंधविश्वास के चलते किसी ने यहां आग लगा दी हो। ऐसे व्यक्ति को इस बात का अनुमान भी नहीं होता है कि उसका यह छोटा सा अंधविश्वास पूरे जंगल को जलाकर खाक कर सकता है।

हर साल होती है आगजनी
इस क्षेत्र में हर साल आगजनी का मामला सामने आता है। पिछले वर्ष भी 31 मार्च को बलारपुर क्षेत्र में ही करीब 12 हेक्टेयर के क्षेत्र में आग फैल गई थी। पार्क प्रबंधन को इस पर काबू पाने में कई दिन लग गए थे। इस साल फिर लगभग इसी समय आगजनी की घटना होती है। स्थानीय लोगों की मानें तो करीब-करीब हर साल इस दौरान ऐसी घटना सामने आती है।

वन्य जीवों को नहीं हुआ नुकसान, कुछ किसानों के खेत पर पहुंची आग
जिस क्षेत्र में आग लगी है कि वह नेशनल हाइवे से सटा हुआ है। क्षेत्र हाइवे से लगा हुआ होने के कारण यहां पर वन्य जीवों का मूवमेंट काफी कम होता है। इसके कारण उन्हें आग की घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि कुछ किसानों के खेतों तक जरूर यह आग पहुंच गई। सरदारपुरा निवासी मिलकीत सिंह ने बताया कि उसके खेत में गेहूं की फसल खड़ी हुई थी। यह भी आग की चपेट में आ गई। समय रहते फायर बिग्रेड के पहुंचने से खेत की आग पर काबू पा लिया गया।