सभी विषय के पेपर एक साथ बांट दिए थे BRCC ने, संयुक्त संचालक ने दिया कारण बताओ नोटिस

शिवपुरी। खनियाधाना में बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले खनियाधाना BRCC द्वारा पेपर भेजने में बरती गई लापरवाही के चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। BRCC मुकेश यादव ने कक्षा 5वीं व 8वीं के पेपर संकुल केंद्रों पर भेजने की बजाए सीधा केंद्राध्यक्षों को सौंप दिए थे। नईदुनिया ने इस मामले को उठाया था जिसके बाद लोक शिक्षण के संयुक्त संचालक ने बीआरसीसी मुकेश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल से कक्षा 5 व 8 की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर शुरू हुई थीं। भोपाल से निर्देश दिए गए थे कि उक्त परीक्षा के दौरान सब कुछ बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न पर संपादित किया जाएगा। इसी क्रम में BRCC के माध्यम से संबंधित स्कूल के पेपर संकुल केंद्र पर रखवाए जाने थे। इसके बाद जिस दिन पेपर का आयोजन होना था उस दिन उक्त पेपर संकुल केंद्र से केंद्राध्यक्ष को प्राप्त करना था।

संपूर्ण जिले में तो भोपाल से आए निर्देशों के अनुसार संकुल केंद्रों पर पेपर जमा करवा दिए गए, लेकिन खनियाधाना बीआरसीसी मुकेश यादव ने पेपर संकुल केंद्रों पर रखवाने की बजाए सीधा केंद्राध्यक्षों को सौंप दिए। उक्त मामले को मीडिया ने दो अप्रैल को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर के प्रकाशन के उपरांत संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ने बीआरसीसी मुकेश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि आपके द्वारा परीक्षा केंद्राध्यक्ष को सीधे ही सभी विषय के पेपर एक साथ बांट दिए गए थे, जबकि पेपर संकुल केंद्र के माध्यम से बांटे जाने थे। आपके द्वारा मप्र बोर्ड मंडल भोपाल के द्वारा बनाए गए बोर्ड परीक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट है कि आप शासन एवं वरिष्ठ कार्यालयों के आदेशों की अव्हेलना करने के आदी हैं। आपका उक्त्‌ कृत्य शासकीय सेवक के आचरण नियम के वितरीत है एवं मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। अतः उक्त कदाचरण के लिए क्यों न आपके विरूद्ध मप्र सिविल सेवा नियम 1966 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।

बीआरसीसी ने संकुल पर ही पेपर भेजना बताया था
यहां बताना होगा कि जब इस संबंध में मुकेश यादव से बात की गई थी तो मुकेश यादव ने इन आरोपों को गलत बताया था। उनका कहना था कि उन्होंने पेपर संकुुल केंद्रों पर ही रखवाए हैं, जबकि संकुल प्रभारी का कहना था कि उनके यहां कोई पेपर नहीं रखवाए गए हैं। जब मामले ने तूल पकड़ा तो केंद्राध्यक्षों से रातों-रात पेपर वापस मंगवाए गए थे।