अंकुर अभियान में गांजे के पौधों का वृक्षारोपण, SDM ने वायुदूत में भी किए अपलोड यह पौधे - Shivpuri News

पवन पाठक@ पिछोर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लोगो को पर्यावरण से जोड़ने व पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए अंकुर अभियान की शुरुआत की थी। इसमें प्रशासनिक अमले सहित आमजन को भी वृक्षारोपण करना था और पौधे के साथ सेल्फी लेकर वायुदूत एप में अपलोड करना था 30 दिन तक पौधे की देखभाल करते हुए अपनी फोटो भी वायुदूत एप में अपलोड करनी थी। सत्यापन के बाद, मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले से चुने गए विजेताओं को प्राणवायु पुरस्कार प्रदान करेंगे।

यह योजना पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने मे सफल रही, यह राज्य सरकार का एक मेगा वृक्षारोपण अभियान है जिसमें भाग लेने वाले और पेड़ लगाने वाले सभी लोगों को राज्य सरकार की तरफ से प्राण वायू पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा,लेकिन पिछोर में किले के अंदर स्थित अंकुर अभियान के तहत किए गए वृक्षारोपण में गांजे के पौधे लहरा रहे हैं इतना ही नहीं यह फोटो वायुदूत एप पर भी अपलोड किए गए हैं।

आधा वर्ष पूर्व किया गए थे यह वृक्षारोपण

पिछोर के ऐतिहासिक किले में मानसून के आरंभ मे पिछोर के एसडीएम जेपी गुप्ता तहसीलदार नरेश चंद्र गुप्ता मुख्य नगरपालिका अधिकारी राघवेंद्र पालिया मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुष्पेंद्र व्यास नायब तहसीलदार बीआरसीसी अभय प्रताप सिंह जादौन बी ई ओ तथा पुलिस खंड स्तरीय आला अधिकारियों से लेकर तमाम अधिकारी कर्मचारी पटवारी शिक्षकों नपा के कर्मचारियों तथा नामचीन स्थानीय लोगों ने शासन के निर्देशानुसार अंकुर अभियान से जुड़कर किले के प्रांगण में सैकड़ों की संख्या में वृक्षारोपण किया फिर वायुदूत ऐप पर फोटो पर फोटो डाउनलोड किए थे।

अब यह पौधे बड़े हो गए,किले पर किए रोपे गए इन पौधों के साथ साथ गांजे के पौधे भी लहरा रहे हैं। यह पौधे अन्य लगाए गए अन्य पौधों से भी बड़े हैं बाकी पौधों में से तो कुछ सुख भी गए होंगे लेकिन यह गांजे के पौधे तरक्की की स्थिति में है तो क्या इन अधिकारियों ने अंकुर अभियान के तहत लगाए गए अन्य सैकड़ों पौधों के साथ गांजे के पौधे भी रोप दिए हैं।

नगर परिषद की कैद में रहते हैं यह पौधे

किले में जाने के मुख्य दो रास्तों पर गेट लगा कर बाकायदा ताला डाल दिया जाता है और प्रवेश निषेध कर दिया गया है जिसे नपा के आदेश पर ताला डालना बताया जाता है तो क्या इन गाजो के पौधों को अधिकारियों के संरक्षण के साथ सुरक्षा में पोषित कर बड़ा किया जा रहा है वैसे अंकुर अभियान में लगाए गए पौधों के साथ वायुदूत एप पर तीन बार फोटो अपडेट करना है जिनमें से दो बार तो अपडेट करने के लिए एसडीएम जेपी गुप्ता अपना जाना बता चुके हैं वही नपा अधिकारी राघवेंद्र पालिया भी कई बार पौधों के निरीक्षण करने की बात सामने आई है अब अगर अधिकारियों का संरक्षण नहीं है तो अभी तक यह पौधे हटाए क्यों नहीं गए वहीं इनके अलावा पुरातत्व और टूरिज्म विभाग के अधिकारी भी जीर्णोद्धार के लिए सर्वे करने आए थे जब इन पौधों को नजरअंदाज किया गया हैं।

आपकी और हमारी सुरक्षा में होते तो हम जेल में होते

देश में गांजा पीना और उगना दोनो ही अपराध की श्रेणी मे आता हैं,आपने कभी सुना होगा पुलिस ने गांजे की लहराती फसल जब्त कर फसल को उगाने वाले पर मामला दर्ज किया गया,लेकिन यह तो सरकारी जगह में गांजा लहरा रहा है। अगर यह पौधे किसी प्राइवेट जगह पर होते तो उसको जेल जाना तय था।

इनका कहना हैं
में तो गांजे के पौधें को पहचानता नहीं हूं,मैं तो दो तीन बार फोटो अपलोड करने भी गया था,मुझे तो समझ में नहीं आया कि वहां गांजे की खेती हो रही हैं। तो सकता है कि किसी ने वहां गांजे के बीज फेंक दिए हो,सुबह दिखवाता हूं।
जेपी गुप्ता,एसडीएम पिछोर