द्वारका की हत्या की सौगंध 6 माह पहले खा चुका था उग्रसेन का परिवार:आज कुल्हाड़ी से काट दिया

बैराड। शिवपुरी जिले की पिछले 24 घंटे की सबसे बड़ी खबर बैराड़ थाना अंतर्गत आने वाली ग्राम अतवेई में पडोसी ने पडोसी की हत्या कर दी। बताया गया है कि इस तरह हत्या करने की शपथ 6 माह पहले ही ली गई थी। ग्राम अतवेई में जो हत्या हुई उसमें मृतक को मरने के 15 मिनिट तक उसकी लाश के साथ मारपीट की गई हैं।

बैराड थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम अतवई में सुबह 9 बजे द्वारिका यादव कहीं जा रहा था। जब वह धर्मवीर यादव के मकान के पास पहुंचा तभी उसे उसके पड़ोसी उग्र सिंह यादव, विंदावन यादव, दारा सिंह यादव, रामेश्वर यादव, उदय सिंह यादव, मुन्नाी यादव, देवराज यादव, विजय यादव, उदयराज उर्फ उद्दू यादव ने उसकी हत्या करने के लिए एक राय होकर घेर लिया और उसके ऊपर कुल्हाड़ी, तलवार, लाठी, लुहांगी आदि से हमला कर दिया।

आरोपी द्वारिका को करीब 15 मिनट तब तक पीटते रहे जब तक कि द्वारिका मर नहीं गया। जब द्वारका की पिटाई होते हुए उसके भाई कल्याण यादव, शिवदयाल यादव, दशरथ यादव ने देखी तो वह भाग कर उसे बचाने गए, लेकिन तब तक द्वारका की मौत हो चुकी थी।

आरोपितों ने द्वारका की हत्या महज इसलिए की थी क्योंकि करीब छह माह पहले बारिश के मौसम में मृतक ने अपने परिजनों के साथ मिलकर आरोपी परिवार के सदस्यों की मामूली सी कहासुनी पर मारपीट कर दी थी।

 ग्रामीणों का कहना है कि आरोपित परिवार ने तभी यह कसम खाई थी कि जब तक द्वारिका को मार नहीं देंगे तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं, पुलिस ने नौ आरोपितों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है।

बचाने गए भाई को मारने चलाई गोली
फरियादी कालीचरण यादव का कहना है कि जब आरोपित मेरे चाचा को पीट रहे थे तो मेरे पिता कल्याण सहित शिवदयाल यादव, दशरथ यादव द्वारिका को बचाने के लिए गए। जब उक्त लोगों को आरोपित दारा यादव ने आते हुए देखा तो वह घटना स्थल से भाग कर अपने घर की छत पर चढ़ गया और उसने वहां से कल्याण यादव को निशाना बनाकर अपनी बंदूक से गोली भी चलाई। यह गोली कल्याण यादव के पास से निकल गई।

घर में पानी आने को लेकर हुआ था विवाद
गांव वालों का कहना है कि मृतक द्वारिका यादव का मकान आरोपितों के मकान से ऊंचा है। ऐसे में उसके घर की मोरी का पानी आरोपितों के मकान में गिरता था। इसी बात को लेकर बारिश के मौसम में दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था। 

तत्समय द्वारिका और उसके परिवार वालों ने आरोपितों के स्वजनों की मारपीट कर दी थी। तब भी मामला थाने की चौखट तक पहुंचा था, इस झगड़े के बाद से ही दोनों परिवारों में मनमुटाव और रंजिश बनी हुई थी। इसी रंजिश की परिणति के रूप में आज द्वारिका यादव के जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

पुलिस ने कराया पीएम अभिरक्षा में अंतिम संस्कार
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस ने गांव में पहुंचकर मृतक के शव को बरामद कर उसका पीएम करवाया है। मौके पर पहुंचे एफएसएल अधिकारी डॉ एचएस बरहादिया ने भी घटना स्थल और मृतक की बॉडी का परीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। घटना के बाद पुलिस ने एहतियातन गांव में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए और अभिरक्षा में शव का अंतिम संस्कार करवाया।

इनका कहना है
यह जघन्य हत्याकांड छत की मोरी और उससे घर में गिरने वाले पानी को लेकर हुए विवाद के चलते अंजाम दिया गया है। हमने सभी आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अरविंद चौहान, थाना प्रभारी, बैराड़