376 का आरोपी भी है जिला संयोजक आरएस परिहार, जाना पडा था जेल:छात्रावास अधिक्षिका हैं पीड़िता

शिवपुरी। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आरएस परिहार बीते रोज अपने ही विभाग के एक अधीक्षक से 80 हजार की रिश्वत लेते अपने चपरासी के साथ लोकायुक्त पुलिस ने पकडा हैं। इससे पूर्व भी वह अपने विभाग के अधीनस्थ का शोषण कर चुके है। बताया जा रहा है कि रिश्वतखोर परिहार बलात्कार के आरोपी भी है और सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर चल रहे है। इस मामले में पीडिता विभाग की अधीक्षिका ही है।

जैसा कि विदित हैं कि बीते रोज लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिष्यवृत्ती के 4 लाख रुपए भुगतान के मामले में 80 हजार रुपए की मांग करने वाले आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आरएस परिहार और विभाग के प्यून अवधेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में रिश्वत की रकम प्यून अवधेश शर्मा ने ली थी। जिसके हाथ धुलवाने पर रंगीन हो गए थे।

हालांकि जिला संयोजक ने नोट नहीं लिए थे, इस कारण उसके हाथ रंगीन नहीं हुए। लेकिन आरोपी अवधेश शर्मा के बयान के बाद जिला संयोजक के विरूद्ध भी मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी जिला संयोजक के विरूद्ध गुना में दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है। जिसमें वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल जमानत पर है।

इस मामले में आरोपी अवधेश शर्मा ने पकड़े जाने के बाद जिला संयोजक को भी लपेटे में लिया है। उसने बयान दिया कि मैंने जो भी पैसा लिया है वह साहब के कहने पर लिया है। मैं बहुत छोटा कर्मचारी हूं। कोई क्यों मुझे इतनी बडी रकम देगा। मेरी इतनी हिम्मत भी नहीं है कि मैं इतने पैसे मांग सकूं। यह पैसे लेकर मुझे साहब के पास पहुंचाने थे।

इस बयान के बाद लपेटे में आए आरएस परिहार ने अपने आप को निर्दोष बताया है और बयान दिया है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र ऑफिस के ही कुछ कर्मचारियों ने रचा है, जो कर्मचारी इस तरह के कामों में लिप्त हैं। उन्होंने ही मुझे फंसाने के लिए ताना बाना बुना है। इससे पर्वू जिला संयोजक परिहार के विरूद्ध गुना में एक छात्रावास अधीक्षिका ने बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। इस मामले में आरएस परिहार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिली है।