सिपाही का गला काटने के प्रमाणित साक्ष्य‎ नहीं मिले:पत्नी व दो युवक दोषमुक्त‎- Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी‎ न्यायालय प्रथम अपर सत्र‎ न्यायाधीश उमेश कुमार श्रीवास्तव ने‎ हत्या के प्रयास के प्रकरण में‎ प्रमाणित साक्ष्यों के अभाव में‎ आरक्षक की पत्नी व दो युवकों को‎ दोषमुक्त कर दिया है। घटना 13‎ जनवरी 2016 की है।‎

अभियोजन के अनुसार आरक्षक‎ संतोष भार्गव ने अपनी पत्नी भावना‎ उर्फ सोनू भार्गव सहित विनोद‎ कुशवाह उम्र 27 साल पुत्र रामप्रसाद‎ निवासी राम जानकी मंदिर के पास‎ करौंदी कॉलोनी शिवपुरी और विजय‎ कुशवाह उम्र 33 साल निवासी खेड़ापति‎ मंदिर के पास कोलारस शिवपुरी के‎ खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा‎ दर्ज कराया था।

सतनवाड़ा थाना‎ पुलिस ने केस दर्ज कर चालान कोर्ट‎ ‎ में पेश किया। अभियोजन द्वारा‎ मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट के‎ समक्ष प्रस्तुत किए, जिसमें सभी‎ युक्तियुक्त संदेहों से परे यह प्रमाणित‎ करने में असफल रहा विनोद व‎ उसका एक साथी घटना की रात 8‎ बजे फरियादी संतोष भार्गव को कार‎ से प्लॉट दिखाने ले गए और रास्ते में‎ गुना बायपास पर राठौर होटल से‎ माजा लाकर उसे जबरदस्ती पिला‎ दी और फरियादी बेहोश हो गया।

वह‎ यह भी प्रमाणित करने में असफल‎ रहा कि अभियुक्त विनोद कुशवाह‎ की निशानदेही पर ब्लेड बरामद‎ किया, जिससे अभियोजन के‎ अनुसार फरियादी संतोष भार्गव को‎ चोटें पहुंचाई कीं और कार बरामद‎ की गई जिससे फरियादी को प्लॉट‎ दिखने ले गए थे। वह यह भी‎ प्रमाणित करने में असफल रहा‎।