टीकाकरण में शिवपुरी जिले की वापसी: बॉटम से टॉप पर पहुंचा - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले को कोरोना को प्रुफ करने के लिए चलाए गए टीकाकरण अभियान में शिवपुरी जिला एक सप्ताह की रिर्पोट में मप्र के 51 जिलो में सबसे नीचे के पायदान पर था,लेकिन जिले प्रशासनिक मशीनरी के सार्थक प्रयास ने मप्र में सबसे उंचा स्थान प्राप्त कर लिया है। अब शिवपुरी जिला मप्र में टीकाकरण के मामले में प्रथम स्थान पर हैं।

बुधवार को भी चलाए गए महाअभियान में जिले ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। जिले का लक्ष्‌य 51100 डोज का था जिसके बदले में 55498 डोज लगाए गए यानी लक्ष्‌य 113 प्रतिशत हासिल किया। महाअभियान के दौरान टीकाकरण की टीम ने लोगों के घर के साथ खेत और इंटीरियर क्षेत्रों में भी जाकर टीके लगवाए। जो लोग मिल नहीं रहे थे उन्हें गांव-गांव जाकर ढ़ूंढ़ा और दूसरा डोज लगाया। इसके साथ ही सेकंड डोज की पेंडेंसी भी अब काफी कम हो गई है।

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के निर्देशन में पूरी टीम ने एकजुट होकर काम किया। इसका परिणाम यह रहा कि शाम 5 बजे तक ही जिले में बुधवार के लिए निर्धारित लक्ष्‌य का शत-प्रतिशत लक्ष्‌य प्राप्त कर लिया गया। कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से न छूटे, इसके लिए लगातार पिछले कई दिनों से प्रयास किए जा रहे हैं। सेक्टरवार अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। विभिन्ना विभागों के अधिकारियों को भी समूहों को लक्षित कर वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करने और वैक्सीनेशन कराने का दायित्व सौंपा गया। बुधवार को सुबह 7 बजे से ही टीकाकरण शुरू कर दिया गया था।

कॉलिंग नहीं रही कारगार, तो जो जहां मिला वहीं लगा दिया टीका

टीकाकरण में जो हितग्राही सेकंड डोज के लिए छूट रहे थे उन्हें कॉलिंग की जा रही थी, लेकिन फिर भी उन तक पहुंच नहीं पा रहे थे। ग्रामीण अंचल में तो खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद तय किया गया कि कॉलिंग के बजाए उन जगहों को चिन्हित किया जाए जहां पर आवाजाही अधिक होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह ही लोग खेत पर निकल जाते हैं तो टीम ने खेतों पर जाकर टीकाकरण किया। इसके बाद जगह-जगह चेकपोस्ट बना दिए गए।

मजदूरों से भरी ट्रॉलियों को रुकवाया और उनसे टीकाकरण की जानकारी ली। जिसे टीका नहीं लगा था उसे वहीं मौके पर टीका लगाया गया। इसके अलावा प्रशासन ने राशन से लेकर अन्य सुविधाओं तक में टीकाकरण की अनिवार्यता कर दी। यहां तक की शादी में शामिल होने के लिए भी टीका लगवाना अनिवार्य कर दिया। इसका भी अच्छा असर देखने को मिला।

पिछोर में पहले टीका फिर खाद वितरित

पिछोर में एसडीएम जेपी गुप्ता ने नायाब तरीका निकाला। सुबह से ही पिछोर में खाद को लेकर किसानों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। जब एसडीएम गुप्ता खाद वितरण की व्यवस्था देखने गए तो उन्होंने वहां पर टीकाकरण शुरू करा दिया। उन्होंने नियम बना दिया कि खाद तब ही मिलेगी जब टीका लगवाया होगा। इसके बाद जो भी किसान टीकाकरण से शेष रह गए थे उन्होंने मौके पर ही टीका लगवा लिया। इसके अलावा एसडीएम ने एक दल भी गठित किया जो अंचल में टीके से छूटे हुए लोगों को चिन्हित कर रहा था। टीम कोचिंग सेंटरों और कई संस्थाओं तक भी पहुंची।

इस माह लगा दिए 2 लाख सेकंड डोज

जिले के सामने सबसे बड़ी चुनौती सेकंड डोज लगाने की थी। पेंडेंसी बढ़कर 2.58 लाख तक पहुंच गई थी। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से सेकंड डोज की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए। नवंबर में अब तक 2 लाख सेकंड डोज लगाए जा चुके हैं। इसके अनुसार पात्र 78 प्रतिशत लोगों को डोज लग गए हैं। शेष 22 प्रतिशत को डोज लगाते ही जिला पूरी तरह से कोरोना प्रूफ हो जाएगा।

इनका कहना है
इस महीने 2 लाख सेकंड डोज लगाए हैं। महाअभियान में जिले का चौथा स्थान रहा है। अब पेंडेंसी भी काफी हद तक कम हो गई है। नवंबर के अंत तक सेकंड डोज के छूटे हुए पात्र लोगों को पूरी तरह से वैक्सीन लगा दी जाएगी।
डॉ. संजय ऋषिश्वर, जिला टीकाकरण अधिकारी