कलेक्टर फेसबुक पर लाइव आए, समस्याएं सुनी, खाद का मुद्दा सुर्खियों में - Shivpuri News

शिवुपरी। आज जिले में खाद,वैक्सीनेशन और टूरिस्ट के मुूद्दे को लेकर आज कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह फैसबुक पर लाईव आए। जहां उन्होंने फैसबुक लाईव के माध्यम से शहर की समस्याओं को सुना और लोगों को समस्याओं के जबाब दिए।

आज कलेक्टर ने शिवपुरी के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्य जिले वासियों की यह सही है कि खाद के बीच में दिक्कते थी कल ही हमें रेक प्राप्त हुआ है डीएपी का और सरकार ने ही तय कर रखा है कि एक निश्चित डीलर है ये उनको जाता है और किसी भी प्रकार की कनफियूजन नहीं होनी चाहिए।

यह सरकार का ही आवंटन है सरकार की ही ये मंशा है कि कई जगह से वितरण होगा तो परेशानी कम होगी तो कुल मिलाकर के 3 चौथाई आपके सरकारी स्टिम में आता है चाहे वह मार्केटिंग हो या सोसाईटी में आये और एक चौथाई जो है प्राईवेट डीलर को जाता है अब यह आवंटन जिले से तय नहीं होता बल्कि सरकार से तय होता है उसके तहत कल जो रैक आया है उसमें वितरण हो गया होगा विभाग ने कर दिया होगा।

समितियों में खाद आज अधिकांश जगह जहां जहां का आरो है वहां और जहां हमारे 6 बाइंट है मार्केटिंग फेडरेशन के वहां पहुंच गया होगा प्राईवेट जो डीलर में जिन जिन को आंवंटन मिला होगा उन उन तक पहुंच गया होगा खाद डीएपी के मामले में अब हम लोग कम्पोर्टेबल हो गये अनुरोध केवल यह रहेगा कि व्यवस्था बना कर खाद लीजिए व्यवस्था यह है कि टोकन के आधार पे ऋण पुस्तिका के आधार पे वितरण हो रहा है और काफी हद तक वितरण अभी हो चुका है।

अनावश्यक जब घवराहट हो जाती हे तो लोगों में दुष्प्राचार्य होता है लोग उसका नाजायज फायदा उठाने की कोशिश करते है बिल्कुल भी दुष्प्रचारों से प्रभावित मत हुइए अपवाहों में ना आईए खाद हमें रेगुलर इनटरवर पर मिलता जा रहा है एक बार संघनन करने कि व्यवस्था से व्यवस्था विगडती है जिसको जैसी जरूरत है उस हिसाब से वह लेगा तो व्यवस्था बनी रहेगी अनावश्यक बहुत आगे का संघनन अगर करके रखेगें तो तकलीफ होगी यूरिया के लिए भी हमने मांग कर ली है युरिया का एक ओर बर्जन भी आया है।

उन नैनो यूरिया भी कहते है एक लीटर का जो डिब्बा होता है 50 केजी की एक कटटी होती है के बराबर होता है जो दानेदार यूरिया है वो अपने को छिडकना पडता है जिसको पीठ पर रखकर के लिस प्रकार से ड्रिसिंग करते है उस प्रकार से ड्रिसिंग करते है जो वैज्ञानिको ने जानकारी दी है उसके मुताबिक बहुत अच्छे रिजल्ट इसके आ रहे है फिर यह हमेशा उपलब्ध रहता है रखने में कठनाई नहीं है परिवहन में कठिनाई नहीं है फिर भी किसान यूरिया के पीछे भाग रहे है। इसके साथ ही कलेक्टर ने लोगों की प्रतिक्रिया देते हुए लगभग सभी लोगों के सबालों का जबाब देने का प्रयास किया।