मजदूरी के पैसे मांगे तो यादव साहब ने आदिवासी को कमरे में बंद कर की मारपीट: आदिवासी की मौत- Pichhore News

पिछोर। मजदूरी के रुपये मांगने पर दबंग ने इतनी बेरहमी से पीटा गरीब आदिवासी को की बिरसा मुंडा जयंती की पूर्व संध्या पर उसने दम तोड़ दिया,दुखद बात ये की पुलिस ने हत्या के प्रयास तक का मामला दर्ज न कर इस मामले में मामूली धाराओं में प्रकरण कायम किया था।

जानकारी अनुसार बामौर कला थाना अंतर्गत आने वाले सेंकरा गांव में रहने वाले अति गरीब सहरिया आदिवासी हरिलाल ने 3 नबम्बर को शंकर सिंह यादव से अपनी मजदूरी के पैसे यह कहकर मांगे की महाराज कल दिवाली का त्योहार है मुझे मेरी मजदूरी के पैसे दे दो ताकि मैं त्योहार की खरीदारी कर सकूं। दबंग शंकर सिंह यादव ने उसको पैसे देने से मना किया तो वह जिद करने लगा कि मुझे मजदूरी आज ही चाहिए।

इसी बात पर गुस्साए दबंग शंकर सिंह ने उसे कमरा बन्द कर बुरी तरह लाठी , कुल्हाड़ी व लात घूसों से अमानुषिक यातनाएं दीं उसकी पसलियों का कचूमर बना दिया, गले मे कुल्हाड़ी मारी जिससे वह मूर्छित होकर गिर गया, लोगों ने मदद कर हरिलाल को खनियाधाना अस्पताल पहुंचाया , जहां से उसे शिवपुरी रेफर कर दिया वहां से भी उसकी गम्भीर हालत देख चिकित्सकों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया जहां उपचार के दौरान गरीब हरिलाल की मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस ने मात्र धारा 324, 226व 296 की कायमी की थी लेकिन हत्या के प्रयास की कायमी राजनीतिक दबाब में नहीं की,आज हरिराम की मौत से पूरे गांव में मातम फैल गया है । इस गांव के आदिवासी भगवान विरसा मुंडा की जयंती मनाने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सम्मलित होने रवाना होने ही वाले थे लेकिन उससे पहले ही हरिलाल की लाश गांव पहुंची जिससे उन्होंने जाना स्थगित कर दिया हैं।

सहरिया क्रांति संयोजक संजय बेचैन ने कहा कि सहरिया आदिवासियों पर अमानुषिक अत्याचार का दौर जारी है, युनकी उचित सुनवाई तक थानों व तहसीलों में नहीं होती है,हरिलाल आदिवासी की मारपीट के मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास की कायमी न कर मामूली धाराओं में केस दर्ज क्यों किया इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जावे व दोषियों को दंडित किया जावे। वही आदिवासी की मौत की खबर के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओ का इजाफा करते हुए दबंग शंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया हैं।