डेंंगू के डंक से ग्रसित हुआ स्वास्थ्य विभाग: प्लेटलेट्स कम होने से लोग तोड़ रहे है दम, अस्पताल में लैब टेक्नीशियन पर जांच नही- Badarwas News

संजीव जाट@बदरवास:
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के प्रति जागरूकता के अभियान चलाए थे। हालात इसके उलट विभाग की जागरूक नही हैं। बदरवास में लगातार आमजन डेंगू के डंक से घायल होकर दम तोड़ रहे है,स्वास्थय विभाग को इसकी खबर तक नही हैं,ओर स्वास्थय विभाग का सबसे बडा मजाक बदरवास पीएससी मे लैब टेक्नीशियन का पद हैं,टेक्नीशियन भी हैं लेकिन वह अन्य किसी जगह पदस्थ है।

बदरवास स्वास्थ केंद्र पर जाच की सुविधा है कि बात कह रहा है लेकिन बदरवास में अगर देखा जाए तो वर्तमान में प्लेटलेट्स कम होने की सर्वधिक समस्या सामने आई हैं। इसके चलते अभी तक पांच लोग दम तोड़ चुके है और एक दर्जन से ज्यादा उपचार करा रहे हैं। स्वास्थ बिभाग की सुविधाओं की आंकड़ो कागजी घोड़े किस प्रकार दौड़ाए जा रहे है इसको उजागर कर रहा है। आज जो आर्थिक रूप से सम्पन्न थे वह तो हर स्तर पर उपचार करा रहे है लेकिन जिनकी आर्थिक व्यवस्था नही है वह उपचार ओर जाच के अभाव में दम तोड़ रहे है।

अगर बदरवास सीएससी के अंर्तगत देखा जाए तो दो पीएससी खतोरा एव रन्नौद एव 19 उप स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन वर्तमान में बीमारियों पर रोकथाम या निरीक्षण महज कागजो में जरूर हो रहा है लेकिन धरातल पर कुछ और ही हकीकत है

इनकी हो चुकी है प्लेटिन कम होने से मौत

सर्व प्रथम बदरवास जनपद की ग्राम पंचायत झंडी के पूर्व सरपंच सतीश यादव बहादुरा की पत्नी पप्पी यादव उम्र 30 वर्ष को अचानक बुखार आया और जाच कराई तो महज 23 हजार प्लेटिन बची जिसे गवालियर जरोग्य के बाद दिल्ली बेदान्ता में उपचार के दौरान मृत्यु हुई अगर पीएससी खतोरा पर जाच सुबिधा उपलब्ध होती तो बीमारी बड़ा रूप लेने से पहिले पकड़ में आती और उचित उपचार मिलता यो मृत्यु नही होती। बदरवास तहसील में पदस्थ गिर्राज हिंडोलिया की छोटी सिस्टर नीतू उर्फ जुली उम्र 15 ग्वालियर अपोलो ग्वालियर में 10 हजार प्लेटिंस बची ओर उपचार के दौरान म्रत्यु हो गई।

जूझ रहे है जिंदगी और मौत से

बदरवास में अमित जाटव जिनकी बदरवास में बुखार आया और उपचार कराते रहे जाच सुबिधा उपलब्ध ना होने गुना कंचन में जब जाच कराई तो 25 हजार प्लेटलेट्स बची जो अभी उपचार के दौरान जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है

जाच सुबिधा ना होना बनी परेशानी

बदरवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उसके अंतर्गत आने वाले खतौरा एवं रन्नौद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी जांच सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण हालात बिगड़ रहे हैं जबकि जबकि बदरवास में लैब टेक्नीशियन की जगह तो है लेकिन वह अन्य स्थान पर अटैच है इसके अलावा जिम्मेदारों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू के लक्षण है इसके लगातार मरीज भी आ रहे हैं लेकिन हमारे यहां जांच ना होने के कारण यह परेशानी है लेकिन वर्तमान में लिटिल कम होने वाले मरीज ज्यादा हमारे पास आ रहे हैं
एच व्ही शर्मा बीएमओ बदरवास

अगर ब्लड नही मिला तो बढ़ जाती है परेशानी

वर्तमान में जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम होते हैं उक्त मरीजों के सामने बड़ी परेशानी आ जाती है क्योंकि ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जो प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें जब अचानक ब्लड की आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें उक्त समय पर अगर ब्लड नहीं मिला तो ऐसे में अप्रिय घटना भी हो जाती है वैसे अगर देखा जाए तो जिला मुख्यालय पर ब्लड डोनेट करने वालों के द्वारा समय-समय पर ब्लड डोनेट किया जाता है लेकिन जब मरीज को आवश्यकता होती है तो उक्त समय पर मैं ब्लड उन्हें नहीं मिल पाता है

क्या कहते है परिजन
पहिले बुखार आया खतोरा बदरवास में कोई सुबिधा नही होने के कारण शिवपुरी पहुचे जहां 26 हजार प्लेटलेट्स बताई तो ग्वालियर ले गए जहां से दिल्ली में ले गए जहां जाकर मृत्यु हो गई
सतीश यादव मृतिका पप्पी यादव पति

जुली मेरी छोटी बहन है जो मेरे यहाँ आई उसके बाद उसको बुखार आया और फिर उसे उपचार हेतु ग्वालियर ले गए जहां 10 हजार प्लेटिंस बची ओर म्रत्यु हो गई अगर जाच सुबिधा होती तो शायद यह नही होती
गिर्राज हिन्दोलिया मृतिका का भाई जो बदरवास में पटवारी के पद पर पदस्थ है