कोरोना के नए वेरिएंट का शिवपुरी में भी असर, शादी की बुंकिग के साथ देना होगा 50 प्रतिशत एडवांस, कैसल हुई तो नही मिलेगा पैसा

शिवपुरी। दक्षिण अफ्रिका में मिले कोरोना के नए वेरिएंट का असर भारत सरकार के साथ शिवपुरी में भी देखने को मिल रहा है। इस वेरिएंट की खबर ने दूसरी लहर के मौतो की यादे जिंदा तो कर ही दी साथ में व्यापारियो के माथे पर शिकन भी पैदा कर दी। खासकर शादियों का कारोबार करने वाले कारोबारियो में।

हालांकि टीकाकरण भी बहुत तेजी से हुआ है और बड़ी आबादी को सुरक्षित किया जा चुका है, लेकिन तीसरी लहर की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में व्यापार को बड़ा नुकसान हुआ था।

इसमें शादी समारोह से जुड़े व्यापारी दो साल तक घर ही बैठे रहे। जब आयोजनों से हर तरह की पाबंदी हटा ली गई है तो फिर से व्यापार चलने लगा है। लेकिन नए वैरिएंट के मिलने और पाबंदी लगने के डर से अब मैरिज गार्डन संचालकों ने नया नियम बना दिया है। शहर की मैरिज गार्डन और टेंट एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि अब मैरिज गार्डन बुक करने के लिए 50 फीसद बुकिंग अमाउंट देना होगा।

साथ ही यह 50 फीसद की राशि बुकिंग कैंसल करने पर वापस भी नहीं होगी। दरअसल पहली और दूसरी लहर में सभी बुकिंग कैंसल हुई थीं और संचालकों को राशि लौटाना पड़ी थी। जिससे उन्हें दोहरा नुकसान हुआ। यदि तीसरी लहर आई तो वे इस बार नुकसान नहीं उठाना चाहते हैं जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। हालांकि एसोसिएशन के इस फैसले से जनता ज्यादा खुश नहीं है।

25 करोड़ से ज्यादा का है सालाना का कारोबार

शहर में शादी समारोह की व्यवस्थाओं का ही व्यापार 25 करोड़ रुपये से अधिक का है। शहर में करीब 40 छोटे-बड़े मैरिज गार्डन हैं। 25 के आसपास टेंट व्यापारी हैं। एक गार्डन में सालभर में करीब 30 शादियां होती हैं जिससे उन्हें लगभग 45 लाख रुपये की आय होती है। इस तरह मैरिज गार्डनों का ही व्यापार 20 करोड़ के आसपास होता है। इसके बाद टेंट, लाइट, डीजे, बैंड आदि का मिलाकर 25 करोड़ से अधिक का कारोबार है। यदि इसमें कैटरिंग जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा लगभग दोगुना होगा। ऐसे में समझा जा सकता है कि इस व्यापार में नुकसान भी कितना है।

बुकिंग के समय करेंगे एग्रीमेंट

बुकिंग की राशि को लेकर बाद में किसी तरह से विवाद से बचने के लिए बकायदा एग्रीमेंट किया जाएगा। इसमें साफतौर पर शर्त होगी कि यदि शादी की बुकिंग रद्द की जाती है तो एडवांस बुकिंग की राशि वापस नहीं होगी। पहले 10-20 हजार रुपये में बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब यह राशि करीब 1 लाख रुपये होगी क्योंकि शहर के मैरिज गार्डनों की रेट औसतन 2 लाख रुपये हैं। कुछ चुनिंदा गार्डनों में यह लागत 4 लाख रुपये तक भी है। तो अब लोगों को बुकिंग के लिए ज्यादा कीमत चुकाना होगी। एग्रीमेंट इसलिए किया जाएगा कि बाद में रुपये लौटाने को लेकर किसी तरह का विवाद न हो।

इस तरह होता है नुकसान, लॉकडाउन में कई लोग आए सड़क पर

मैरिज गार्डन संचालकों के अनुसार पहले 10 हजार रुपये में भ बुकिंग कर देते थे। इसके बाद हमारी ओर से भी तैयारियां शुरू कर दी जाती थीं। बुकिंग की राशि से ज्यादा तो तैयारियों में खर्च हो जाता था। लेबर को भी एडवांस पेमेंट करना होता था। ऐसे में अंतिम समय में यदि पार्टी बुकिंग कैंसल कर देती थी तो जो रुपये पहले लिए थे वे वापस करने पड़ते थे। वापस न करने पर विवाद की स्थिति बनती थी।

जबकि देखा जाए तो बुकिंग की राशि तो तैयारियों में खर्च हो ही जाती थी। खुद अपनी जेब से रुपये देने पड़ते थे। एक संचालक ने बताया कि उसके पास तीन मैरिज गार्डन हैं जो ठेके पर लिए हैं। दो साल तक सब बंद रहे जिसके नुकसान की भरपाई के लिए अपना एक घर भी बेचना पड़ा। यही हाल कई लोगों का हुआ है।