जिले मे कोरोना काल और अतिवृष्टि के बाद भी इस बार धनतेरस पर अच्छा कारोबार हुआ। शहरी क्षेत्र के साथ ही कस्बों मे भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। ऑटोमोबाइल, सर्राफा, इलेक्ट्रोनिक्स, बर्तन, कपडे इन पांच सेक्टरों को मिला कर जिले में कुल 16 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है। त्यौहार पर 120 ट्रैक्टर, 700 बाइक, 65 ई बाइक बिकीं। व्यापारियों ने बताया की यह तो धनतेरस तक की खरीदारी का आंकडा है अभी बुधवार को और खरीदारी होगी।
ऑटोमोबाइल डीलर्स के मुताबिक इस वर्ष दो पहिया वाहनों की बिक्री में 40 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है इसका एक कारण पेट्रोल का मंहगा होना भी हो सकता है वहीं दूसरा कारण लोगों मे ई—बाइक के प्रति क्रेज है। इस वर्ष ई बाइक जब से बाजार मे आई है तब से लोगों की दिलचस्पी इस ओर बढी है। वही दिलचस्पी इस दीवाली पर भी नजर आई। एक अनुमान के मुताबिक धनतेरस तक ई बाइक ने 2 करोड का कारोबार किया।
वहीं पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बाजार में लोगों की अच्छी भीड़ देखी गई। हांलांकि बढती महंगाई के चलते लोगों ने धनतेरस पर सोने—चांदी के गहने के स्थान पर चांदी के बर्तन और सिक्कों को खरीदने मे ज्यादी रूची दिखाई। वहीं बर्तन कारोबार भी महंगाई के चलते प्रभावित रहा। जब व्यापारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि कोरोना की दूसरी लहर और क्षेत्र में होने वाली अतिवृष्टि से व्यापार बहुत प्रभावित हुआ है।
