शिवपुरी। आज रात्रि में आए नीट के रिजल्ट में इंडक्टेंस एजुकेअर ने एक बार फिर सफलता के झंडे गाढ दिए है। आज एक साथ दो छात्रों ने नीट की परीक्षा क्वालीफाई की है। इसके साथ ही बैराड के एक छात्र ने भी नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है। आज छात्र मीडिया से बातचीत करते हुए भाबुक हो गए।
जानकारी के अनुसार शहर के शंकर कॉलोनी स्थित इंडकटेन्स एजुकेयर कोचिंग संस्थान के दो होनहारों का नीट में चयन हो गया। जिले के बैराड़ से भी एक युवा अर्पित मित्तल पुत्र प्रकाश मित्तल ने नीट की परीक्षा में 621 वी रेंक हासिल की है। इसी के साथ इंडकटेन्स के नीट में चयनित आयुष जैन ने 1446 वी रेंक हासिल की। अवंतिका सनमत जैन के होनहार सुपुत्र आयुष ने डॉक्टर बनने का लक्ष्य सामने रखकर यह सफलता अर्जित की।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा की तैयारी लगन और लक्ष्य तय करके करना चाहिये। परीक्षा में सरल विषय पहले हल करके कठिन सवालों के लिये पर्याप्त समय रखना चाहिये। उन्होंने कहा कि न्यूरो सर्जन की ज्यादा उपयोगिता को देखते हुए वे न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने मोबाइल के पॉजिटिव उपयोग को तैयारी का अहम हिस्सा बताया। इसके साथ ही आयुष ने बताया कि उसके मामा सीए हैं। उन्होंने शिवपुरी के लिये डॉक्टर बनने के बाद बहुत कुछ करने की बात कही।
नाना को था कैंसर तभी सृष्टि ने सोच लिया डॉक्टर बनूंगी
नगर के गाँधीकोलोनी निवासी शिक्षक अमित नीरू श्रीवास्तव की होनहार सुपुत्री श्रष्टि ने भी नीट में बाजी मारी लगभग एक समान सोच के साथ उन्होंने भी आयुष की तरह तैयारी कर परीक्षा में सफलता प्राप्त की। वे कैंसर की माहिर डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनके नाना ब्रह्मानंद त्रिर्वेदी को कैंसर था तभी से उन्हें लगा वे भी डॉक्टर बनेंगी वह भी कैंसर का। इस मौके पर इंडकटेन्स एजुकेयर के संचालक विवेक श्रीवास्तव, किशोर जैमनी, सर देवेंद्र धाकड़, संतोष यादव सहित चयनित होनहारों के माता पिता मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार शहर के शंकर कॉलोनी स्थित इंडकटेन्स एजुकेयर कोचिंग संस्थान के दो होनहारों का नीट में चयन हो गया। जिले के बैराड़ से भी एक युवा अर्पित मित्तल पुत्र प्रकाश मित्तल ने नीट की परीक्षा में 621 वी रेंक हासिल की है। इसी के साथ इंडकटेन्स के नीट में चयनित आयुष जैन ने 1446 वी रेंक हासिल की। अवंतिका सनमत जैन के होनहार सुपुत्र आयुष ने डॉक्टर बनने का लक्ष्य सामने रखकर यह सफलता अर्जित की।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा की तैयारी लगन और लक्ष्य तय करके करना चाहिये। परीक्षा में सरल विषय पहले हल करके कठिन सवालों के लिये पर्याप्त समय रखना चाहिये। उन्होंने कहा कि न्यूरो सर्जन की ज्यादा उपयोगिता को देखते हुए वे न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने मोबाइल के पॉजिटिव उपयोग को तैयारी का अहम हिस्सा बताया। इसके साथ ही आयुष ने बताया कि उसके मामा सीए हैं। उन्होंने शिवपुरी के लिये डॉक्टर बनने के बाद बहुत कुछ करने की बात कही।
नाना को था कैंसर तभी सृष्टि ने सोच लिया डॉक्टर बनूंगी
नगर के गाँधीकोलोनी निवासी शिक्षक अमित नीरू श्रीवास्तव की होनहार सुपुत्री श्रष्टि ने भी नीट में बाजी मारी लगभग एक समान सोच के साथ उन्होंने भी आयुष की तरह तैयारी कर परीक्षा में सफलता प्राप्त की। वे कैंसर की माहिर डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनके नाना ब्रह्मानंद त्रिर्वेदी को कैंसर था तभी से उन्हें लगा वे भी डॉक्टर बनेंगी वह भी कैंसर का। इस मौके पर इंडकटेन्स एजुकेयर के संचालक विवेक श्रीवास्तव, किशोर जैमनी, सर देवेंद्र धाकड़, संतोष यादव सहित चयनित होनहारों के माता पिता मौजूद थे।
