सांसद ने भरे मंच से रोजगार की मांग की थी, मुख्यमंत्री ने आश्वासन तक नहीं दिया - Shivpuri News

शिवपुरी। मप्र की पर्यटक नगर की दर्जा प्राप्त शिवपुरी जिले में पर्यटको का अभाव हैं, कई वर्षो से सिर्फ एक ही बात की और सुनी जा रही है कि शिवपुरी में पर्यटन की अपार संभावनाए हैं जिले के पर्यटन को विकसित किया जाऐगा,आज तक कोई ऐसी कोई योजना नही धरातल पर नही उतरी जिससे शिवपुरी में लगातार पर्यटक आ रहे हो। और इस पर्यटन से रोजगर मिल रहा हो।

किसी भी शहर को विकसित करना हैं समृद्ध करना है तो उसमें रहने वाले युवाओ के हाथो में काम हो,लेकिन शिवपुरी जिले के युवाओ के हाथो में कोई काम नही हैं पर्यटन तो रोजगार नही दे रहा हैं और न ही शिवपुरी जिले में ऐसी कोई फेक्ट्री है जिससे युवाओ को रोजगार मिले। कुल मिलाकर यह लिख सकते हैं कि युवाओ को शिवपुरी स्तर पर रोजगार देने की कोई कार्ययोजना पर काम नही किया गया हैं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री की सभा के दौरान सांसद केपी यादव ने मंच से इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि जिले में उद्योग नहीं हैं जिससे रोजगार के अवसर नहीं हैं। यहां पर इंडस्ट्री स्थापित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने की बात भी कही जिससे अन्य मौके खुल सकें। हालांकि उसके बाद भाषण देने आए मुख्यमंत्री ने इस बात को तवज्जो नहीं दी और भाषण को सिर्फ आयोजन के विषय में ही केंद्रित रखा।

ग्वालियर राजघराने के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से ही अपनी राजनीति की शुरूवात की थी। वर्तमान में भारत सरकार के कैबीनेट मंत्री हैं,उनके समर्थक और आमजन भी उनके स्वागत में उमड पडते हैं कुछ दिन पूर्व हुआ ग्वालियर का दौरा इस बात का सबूत हैं कि सिंधिया के स्वागत में आयोजित रोड शो एक इतिहास बना गया। देश की राजनीति में सिंधिया अपनी एक अलग पहचान रखते हैं और ताकत रखते हैं,सिंधिया ने अपनी ताकत से मप्र में कांग्रेस की सरकार बना भी दी थी और मिटा भी दी।

शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया, मप्र में जब भी भाजपा की सरकार बनी हैं उन्है कैबीनेट मंत्री बनाया गया हैं,हालाकि शिवपुरी के विकास के लिए वह योजनाए लाती रहती हैं,लेकिन रोजगार के क्षेत्र में उनके अभी तक कोई प्रयास सफल नही हुए है। जिले की पोहरी विधानसभा से सुरेश राठखेड राज्यमंत्री हैं या यू कह ले शिवपुरी जिले ने 2 मंत्री हैं।

यशोधरा राजे के प्रयास से शहर के बड़ौदी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में फूड पार्क बनाया गया था। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस फूड पार्क को पूरी तरह से विकसित कर यहां पानी, सड़क से लेकर बिजली तक के इंतजाम किए गए, लेकिन बनने के तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फूड पार्क में अब तक कोई भी उद्योग नहीं लग सका है।

इसके पीछे यह भी उददेश्य था कि यहां के लोगों को रोजगार मिल सके और यहां जो फसल बहुतायत में होती है, उनकी प्रोसेसिंग होकर उन्हें बाहर के बाजार में बेचा जा सके लेकिन यहां की जमीन के दाम अधिक होने के चलते यहां से कोई उद्योग आया ही नहीं।

6 साल पहले 13 हेक्टेयर में फूड प्रोसेसिंग पार्क के दिखाए थे सपने

रेड, बिस्किट, टोस्ट, टोमेटो सॉस बनाने जैसी कई छोटी उद्योग यूनिट शिवपुरी में लगाए जाने की बात कही गई थी। इसके लिए बड़ौदी क्षेत्र में 13 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इकाइयों के लिए जमीन चिहिन्त की गई। क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी औद्योगिक विकास निगम ग्वालियर को देने की बात थी।

इसमें दाल मिल, आटा मिल, मूंगफली से बनने वाले प्रोडक्ट, टमाटर का सॉस, जैली, स्नेक्स आदि प्रमुख थे। शिवपुरी में चना, मूंगफली, टमाटर, गेहूं सहित अन्य कई कच्ची सब्जियों का उत्पादन भी प्रचुर मात्रा में होता है। इसलिए कच्चा माल अच्छी क्वालिटी का जब जिले से ही उद्यमियों को मिलेगा तो उनका माल मंगवाने का खर्चा भी बचता है। इसे बाद में फूड पार्क का रूप दिया गया और प्रोजेक्ट बढ़ा हुआ। लेकिन इसका हाल यह रहा है कि यहां एक भी उद्योग नहीं आया।

पर्यटन से उम्मीदें, लेकिन टूरिस्टों की बेरूखी

जिले में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं और पिछले कुछ समय से प्रशासन ने इस दिशा में काम करना भी शुरू किया है। लेकिन वर्तमान हालात यह हैं कि यहां पर्यटक आते ही नहीं हैं। पूर्व में शिवपुरी डकैतों के लिए बदनाम रहा जिसका नुकसान पर्यटन को उठाना पड़ा। अब डकैतों का नामोनिशान पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसके बाद भी पर्यटक नहीं आते हैं। पिछले चार साल में एक सैकड़ा विदेशी पर्यटक भी यहां नहीं आए हैं।

अब टाइगर पर टिकी पूरी उम्मीदें

इस समय शहर में पर्यटन या उद्योगों के विकास की पूरी उम्मीदें टाइगर प्रोजेक्ट पर ही टिकी हैं। यदि नेशनल पार्क में टाइगर आ जाता है तो यहां अन्य छोटे उद्योग खड़े हो सकेंगे। प्रशासन कूनो पालपुर में चीतों के आने के बाद इस मौके को भी भुनाने में जुटा है कूनो आने वाले पर्यटकों को शिवपुरी की ओर आकर्षित करने की योजना है। हालांकि यह सफल तब ही हो पाएगी जब टाइगर यहां आ सकेंगे। टाइगर के रास्ते में भी अभी कई बाधाएं हैं।

इनका कहना है
शिवपुरी पर्यटन नगरी है और यहां पर्यटन के विकास की काफी संभावनाए हैं। यदि इस दिशा में नई योजनाएं लाई जाएं तो यहां काफी विकास होगा। साथ ही यहां पर इंडस्ट्री की भी काफी जरूरत है।
डॉ.केपी यादव, सासंद