जनसुनवाई: जिले की गोचर भूमि को संरक्षित करने की मांग, जिससे जिंदा रह सके पशुधन - Shivpuri News

शिवपुरी। हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक पशुधन के चरने की व्यवस्था सरकारों ने भी की है। पशुओं को चरने के लिए सरकारों ने गोचर भूमि आरक्षित की है, जिसे हम गोचर भूमि कहते है। गोचर की आरक्षित भूमि पर आमजन ने अतिक्रमण कर लिया है। भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण आवारा पशुओं को चारा नहीं मिलता है। जिले में गोचर की अरक्षित भूमि को कब्जा मुक्त कर तार फेंसिंग या दीवार बनाकर संरक्षित करने की आज जनसुनवाई में आवेदन के माध्यम से मांग की है।

शहर के समाज सेवी अभिनंदन जैन ने आज जनसुनवाई में कलेक्टर आफिस पहुचकर जिले में स्थित गोचर भूमि को चिन्हित कर साथ ही कब्जा धारी भूमि को कब्जा मुक्त कर तार फेंसिंग या दीवार बनाकर और वहां पर एक बोर्ड लगाए जाने के विषय में आवेदन दिया। गोचर की भूमि प्रत्येक ग्राम पंचायत में आरक्षित है। नगर पंचायत नगर पालिका में भी आरक्षित है। आप यह कार्य करके लाखों जानवर जो आवारा वनकर हमारे शहर में घूम रहे हैं नगरों में घूम रहे हैं। ग्राम पंचायतों में भी फसलों को नष्ट कर रहे हैं।

उन सब से मुक्ति हम नागरिकों को मिलेगी साथ ही मुंक पशु जानवर गाय बैल भैंस इन सभी को भी अपना स्थान मिलेगा आपको सिर्फ यही एक छोटा सा काम करना है। आदेश जारी करके सभी पंचायतों नगर पंचायतों और नगर पालिका को आदेशित करें और इस पर तुरंत कार्रवाई करें जिससे हमारे मूंक पशु भी अपना जीवन यापन सुरक्षित और सम्मानित तरीके से जी सकें।