मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने हेतु सौंपा ज्ञापन - Shivpuri News

शिवपुरी। प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर एक बार फिर से अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहा है यही वजह है कि अपनी मांगों के संबंध में एक बार फिर से मप्र के मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में मांगों का भी उल्लेख किया है और मांगें ना मानने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी गई है साथ ही आगामी रणनीति का भी ज्ञापन में उल्लेख किया गया है।

अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, कार्य.अध्यक्ष महेन्द्र सिंह, संयोजक एस.बी. सिंह व जिला मीडिया प्रभारी दुबेजी बाथम एवं संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा ने सौंपे गए ज्ञापन में बताया है कि मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा पूर्व में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की गई थी जिस पर 29 जुलाई 2021 को प्रदेश के समस् जिलों के अधिकारियों द्वारा सामूहिक अवकाश लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों का ध्यानाकर्षण भी कराया गया था

किन्तु मप्र सरकार द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर कोई भी गौर ना करते हुए आदेश जारी नहीं किया गया और ना ही कर्मचारी संगठनों से संवाद किया गया फलस्वरूप प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों में निराशा व आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

पूर्व में 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जब सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो एक बार फिर से अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हड़ताल पर जाने की तैयारी की जा रही है जिसमें अपनी रणनीत भी ज्ञापन में बताई गई और बताया कि 28 सितम्बर मंगलवार को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को संबंधित मांगों के संदर्भ में एक बार फिर से जिला मुख्यालय, तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

इसके बाद 8 अक्टूबर शुक्रवार को माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को मांगों के संदर्भ में संबंधित ज्ञापन सभी जिलों के द्वारा कलेक्टर को सौंपा जाएगा, दिनांक 22 अक्टूबर को प्रदेश व्यापी एक दिवसीय धरना राजधानी भोपाल में आयेाजित कर मा.मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा।

28 एवं 29 अक्टूबर गुरूवार, शुक्रवार को सामूहिक अवकाश लेकर अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा अपनी इन्हीं लंबित मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगा। इन हालातों को देखते हुए मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि वह लंबित मांगों के संदर्भ में शीघ्र आदेशर जारी करें अन्यथा हड़ताल से होने वाले कामकाज को लेकर शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।