लगातार कलेक्टर को ठेंगा दिखा रहे है CEO शैलेन्द्र आदिवासी, कमिश्नर भी कार्यवाही से कतरा रहे है- Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में भ्रष्टाचार अपने पूरे चरम पर है। हालात यह है कि जिले में अधिकारी बिल्कुल बेलगाम है। इसी के चलते एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां कलेक्टर ने पोहरी जनपद पंचायत के सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी को दोषी मानते हुए उनपर कार्यवाही के लिए आयुक्त् को पत्र लिखा है। परंतु पत्र लिखने के 15 दिन बाद भी इस मामले में सीईओ पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। अब यहां सीईओ शेलेन्द्र आदिवासी की हालात यह है कि यह खुलेआम कलेक्टर की सीएम हेल्पलाईन के प्रति गंभीरता को खुलेआम ठेंगा दिख रहे है।

जिला कलेक्टर अक्षय कुमार इन दिनों सीएम हेल्पलाईन के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है। वह अपने अधीनस्थ कर्मचारी और अधिकारीयों को सीएम हेल्पलाईन के त्वरित निराकरण के लिए फोकस कर रहे है। दूसरी और सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी लगातार कलेक्टर की इस मुहिम को ठेंगा दिखा रहे है। इसी के चलते कलेक्टर की ओर से 17 सिंतम्बर को जारी पत्र में संभागायुक्त को पत्र लिखते हुए कहा है कि समाधान ऑनलाइन में दर्ज प्रकरण क्रमांक 1000003084 जो कि सी. एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत क्रमांक 8459860 से उधभूत हुई हैं, के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी से प्रतिवेदन प्राप्त किया गया है।


मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी द्वारा अवगत कराया गया है कि आवेदक मनोज का संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता योजना का आवेदन जनपद पंचायत पोहरी को दिनांक 24.01.2019 को प्राप्त हुआ था। मृतक भोजा कुशवाह की मृत्यु दिनांक 29.08.2018 को होने से आवेदक के आवेदन पत्र के आधार पर दिनांक 20.02.2019 को सामान्य मृत्यु के कारण राशि रुपये 2.00 लाख का प्रकरण स्वीकृत किया जाकर जनपद स्तर पर संचारित पंजी के सरल क्रमांक 92 पर दर्ज किया गया था।

इसके साथ ही वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोहरी जिला शिवपुरी शैलेन्द्र आदिवासी जो कि दिनांक 15.03.2020 से जनपद पंचायत पोहरी में पदस्थ है, के द्वारा सी. एम. हेल्पलाइन के पोर्टल पर श्री शैलेन्द्र आदिवासी द्वारा दिनांक 25.12.2020 लगातार लेख किया जा रहा है कि मृतक का आईडी क्रमांक 113446501 है संचल डैशबोर्ड पर अनुग्रह सहायता का प्रकरण दिनांक 20.02.2019 को स्वीकृत कर दिया गया है।

परन्तु भौतिक सत्यापन नहीं होने के कारण प्रकरण लम्बित है" जबकि एल-4 अधिकारी द्वारा दिनांक 09.02.2021 से लगातार दिये गये निर्देश प्रकरण भौतिक सत्यापन के निर्देश जारी करने के पूर्व फरवरी 2019 में ही स्वीकृत है इस प्रकरण की राशि संबंधितजनपद पंचायत को कोषालय के माध्यम से हितग्राही को भुगतान हेतु प्रदान कर दी गई है लेकिन अभी तक राशि का भुगतान नहीं करना घोर लापरवाही का घोतक है तत्काल भुगतान करें" का पालन नहीं किया गया।

उक्त निर्देशों के पश्चात भी पोर्टल पर लगातार दर्ज किया गया है कि शिकायत की जांच अनिल लकड़ा पीसीओ से कराई गई जांच प्रतिवेदन अनुसार भोजा कुशवाह का आवेदन जनपद पंचायत पोहरी में संबल योजना में पात्र है जिसका पंजीयन क्रमांक 113446501 किन्तु भौतिक सत्यापन हेतु पोर्टल पर इनका नाम तकनीकी समस्या होने के कारण प्रदर्शित नहीं हो पा रहा है।

श्री आदिवासी की यह टीप एल-4 अधिकारी द्वारा दिये गये निर्देशों के विपरीत होने से वे प्रकरण को अकारण लंबित रखने हेतु दोषी है। श्री आदिवासी द्वारा शासन के द्वारा जारी आवंटन आदेश का अध्ययन नहीं किया गया। जिसके कारण हितग्राही को आज दिनांक तक अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है तथा प्रकरण समाधान ओनलाईन में उपभूत होने की स्थिति उत्पन्न हुई है अतः शैलेन्द्र आदिवासी के विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है। अब कमिश्नर के यहां यह फाईल कहा अटक गई यह समझ से परे है।

ऐसा नहीं है इसके अलाबा यह सीईओ की लापरवाही के चलते संबंल योजना में 100 से अधिक हितग्राहीयों का पैमेंट इनकी बजह से नहीं हो पाया है। जिससे हितग्राही परेशान होते घूम रहे है। बताया गया है कि ग्वालियर संभागायुक्त द्धारा इन्हें एक के बाद एक 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके है। परंतु आज दिनांक तक इन्होंने कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया है।

इसके साथ ही वृद्धा पेंसन के लगभग 100 से अधिक प्रकरण इनके यहां लबिंत हो जिन्हें स्वीकृति में यह लापरवाही कर रहे है। इनके कई आॅडियों और वीडियों बायरल हो चुके है लगातार यह सचिवों पर दबाब बनाते है । परंतु आज तक कार्यवाही नहीं हुई।
इसके साथ ही मनरेगा योजना में नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेतो को भु्गतान कर देते है। जिसकी शिकायत भी कमिश्नर के यहां लंबित है।

इनका कहना है
यह मामला आपके द्धारा ही मेरे संज्ञान में लाया गया है अब पत्र का में पता लगाता हूं। उसके बाद कार्यवाही की जाएगी।
आशीष सक्सेना, संभागायुक्त संभाग ग्वालियर

अब यह क्या मामला है यह मेरी जानकारी में नहीं है। अब आपको अगर इसकी जानकारी है तो आप कलेक्टर सहाब से ही पूरी जानकारी ले लें। अब हमारे पास अगर कोई नोटिस आएगा तो हम उसका जबाव देंगे। बांकी यह मामला कौन सा यह मुझे नहीं पता
शैलेन्द्र आदिवासी,सीईओ जनपद पंचायत पोहरी।