क्या मजाक है, महिला ने कहा गेंहू भीग गए, ADM ने कहा है लाकर दिखाओ - Shivpuri News

शिवपुरी। बाढ़ तो डेढ़ महीने पहले आकर जा चुकी है, लेकिन उसका दिया दर्द अभी भी गरीबों की झोपड़ियों में मौजूद है, लेकिन एसी दफ्तरों में बैठने वाले अफसरों को यह दर्द अब मजाक लगने लगा है। वे पीड़ितों का उपहास उड़ाने से भी नहीं चूक रहे हैं। मंगलवार को लंबे अर्से बाद फिर से जनसुनवाई शुरू हुई। इसमें जनसमस्या सुनने बैठे ADM उमेश शुक्ला के पास जब कत्थामिल नोहरी क्षेत्र की रहने वाली रज्जो आदिवासी पहुंची तो उन्होंने उससे मौके पर ही सबूत मांग लिया।

रज्जो आदिवासी आवेदन लेकर आई थी कि मुझे छोड़कर अन्य लोगों को मुआवजा मिल चुका है। उसने एडीएम को बताया कि बाढ़ में घर में रखे पूरे गेंहू भीग गए थे, तो एडीएम उमेश शुक्ला ने कहा कि गेहूं कहां भीगे हैं, लाओ उन्हें। इस पर वृद्धा ने कहा कि घर में भीगे हैं, तो फिर एडीएम उससे बोले हम जाएंगे क्या देखने के लिए लाओ बताओ यहां कहां हैं गेहूं।

इसके बाद कहा कि बाई डेढ़ महीना हो गया है पानी बरसे हुए। इतना ही नहीं जब मीडियाकर्मियों ने इसका वीडियो बनाया तो एडीएम ने उन्हें भी हड़का दिया। हर दिन प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं हजारों आवेदन ही इस बात को बयां कर रहे हैं कि अब तक समुचित राहत नहीं पहुंची है। ऊपर से अधिकारियों का ऐसा रवैया लोगों का दर्द और बढ़ा रहा है। राहत मिलने के बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग में मुआवजे के लिए 20 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं।