राठखेड़ा की पोहरी के स्वास्थ्य केन्द्र में टॉर्च से डिलेवरी करवाते हैं, लेकिन उत्सव में लाखों लुटाते हैं - Pohri News

पोहरी। जिले में एक तरफ तो राज्यमंत्री सुरेश धाकड तमाम दाबे कर रहे है। दूसरी और उसने पोहरी क्षेत्र में ग्राम झिरी में विकास के तमाम दाबों की पोल खुल गई है। हालात यह है कि यहां उपस्वाथ्य केन्द्र पर शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। साथ ही इस स्वास्थ्य केन्द्र के पास में शमशान घाट होने के चलते प्रसूताओं एएनएम में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।

जिसके चलते कल रात्रि में इमरजेंसी में अनारकली जाटव पति आनंद राव जाटव निवासी भदरोनी से अपनी पत्नी को डिलेवरी के लिए झिरी उप स्वास्थ्य केंद्र पर आए। वहां पर लाइट की व्यवस्था ना होने पर एएनएम को मोबाइल की टॉर्च से और मोमबत्ती जलाकर डिलीवरी करनी पड़ी। अब अगर इस दौरान प्रसूता को कोई दिक्कत हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।

परंतु राज्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के इस स्वास्थ्य केन्द्र की इस गंभीर समस्या की ओर ना शासन का ध्यान है ना प्रशासन का। जब इस संबंध में बीएमओ शशांक चौहान से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा। जब इस संबंध में जेई से बातचीत की तो उन्होंने रात्रि में यह कहकर पल्ला झाड लिया कि सुबह दिखबाते है।

यहां हम बता दे कि झिरी उप स्वास्थ्य केंद्र से कई गांव जुड़े हुए हैं। इमरजेंसी में गर्भवती महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। उप स्वास्थ्य केंद्र पर लाइट ना होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने के बावजूद भी उन्हें पोहरी या शिवपुरी रेफर करना पड़ता है। झिरी के आसपास की रोड सही ना होने से गर्भवती महिलाओं को लंबी दूरी तय करने में बहुत ही पीड़ा होती है और जान का भी खतरा बना रहता है।

इसके साथ ही इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर ना पानी की व्यवस्था है और ना ही शौचालय की व्यवस्था है जिसके चलते उप स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहा है। ऐसा नहीं है कि इस मामले की सूचना किसी को नहीं है। बल्कि ग्रामीण कई बार इस मामले की शिकायत कर चुके है। परंतु आज दिनांक तक कोई सुनवाई नही हुई।