ओबीसी महासभा ने अपनी मांगो को लेकर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन, रखी अपनी मांगे - Shivpuri News

शिवपुरी। ओबीसी महासभा ने अपनी मांगो को लेकर ओबीसी वर्ग की जनगणना कराए जाने हेतु ज्ञापन कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम जिला शिवपुरी को दिया। ओबीसी महासभा ने अपने ज्ञापन से अपनी मांगे रखी हैं साथ ही कहा कि अगर हमारी मांगे परी नही की तो आंदोलन की जबाबदारी सरकारो की होगी।

जिला अध्यक्ष प्रकाश रावत जिला शिवपुरी द्वारा बताया गया कि जनगणना 2021 के फॉर्मेट में कालम 13 में ओबीसी के लिए 3 और अन्य के लिए 4 लिखें का विकल्प बनवाने हेतु सभी राज्य सरकारें ओबीसी जनगणना हेतु राज्य विधानसभाओं से प्रस्ताव पास करवाकर केन्द्र सरकार को पहुँचाया जाये जिससे ओबीसी समाज की भारत देश के नागरिक (मतदाता) होने के नाते जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी प्राप्त कर सके।

इस अवसर पर प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा शिवहरे ओबीसी महासभा, मीना कुशवाह कर्मचारी मोर्चा जिला अध्यक्ष, सुरेश धाकड़ प्रदेश उपाध्यक्ष, एड रामस्वरूप बघेल जिला अध्यक्ष यूनाइटेड फ्रंट, प्रकाश बघेल, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा गिर्राज सिंह दुल्हारा, राष्ट्रीय सचिव दिनेश कुमार ओबीसी महासभा,एड ब्रजेश धाकड़,एड मानसिंह कुशवाह,हेमंत उर्फ बंटी बीलपुरा,बुरौरा धाकड़,पूर्व जिला अध्यक्ष विपिन शिवहरे,बबीता राठौर, जितेंद्र सिंह कुशवाह, शिव सिंह सेवड़ा, पवन दुल्हारा, रानू लोधी छात्र मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, चंदन वर्मा एवं सभी सदस्य उपस्थित रहे।

ओबीसी महासभा(रजि.) की प्रमुख मांगे निम्न है:-
1. जनगणना फॉर्म में ओबीसी का कॉलम जोड़कर ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराकर जनसंख्या आंकड़े जारी करावे।

2. मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा जनगणना - 2011 के आंकड़े सार्वजनिक किए गए है, भारत सरकार द्वारा भी प्रदेश एवं केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना - 2011 के आंकड़े सार्वजनिक किए जावे।

3. भारतीय संसद द्वारा निर्मित 102 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2018, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अनु. 338 B के तहत सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े ओबीसी वर्ग से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु अधिकार प्रदान करता है अतः मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की नियुक्ति संवैधानिक प्रकिया से की जावे।

4. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन, मध्यप्रदेश (NHRM) भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण में अनियमितताओं को लेकर प्रकरण अंतिम निर्णय हेतु विचाराधीन है, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जावे।

5. मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (MPPSC) द्वारा जारी चिकित्सा अधिकारी भर्ती विज्ञापन में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 27% सीटें आरक्षित कर संशोधित विज्ञापन पुनः जारी किया जावे।

6. देश में भारत सरकार द्वारा लागू 3 किसान विरोधी काले कानूनों को वापिस लिया जावे।

7. युवाओं को रोजगार देने के लिये खाली पड़े शासकीय विभागों में लाखों पदों को विशेष भर्ती अभियान के तहत भरा जावे।

8. COVID-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर विधानसभास्तर पर मुक्त इलाज सुविधा के साथ 1000 विस्तर
के सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे।

9. मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की छात्रवृति राशि शीघ्र जारी की जावे एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों को आवास भत्ते एवं अन्य भत्ते की राशि शासन की योजनानुसार मंहगाई दर के हिसाब से दी जावे।

10. मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेमावर इलाके में आदिवासी वर्ग के 5 लोगों की निर्मम हत्या करके उन्हे 10 फीट गहरे गड्ढे में गाड़ दिया गया भारत सरकार द्वारा इस प्रकरण की CBI जांच कराई जाकर दोषियों को फांसी की सजा दी जावे एवं परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि देकर शासकीय नौकरी दी जावे।

11.मध्यप्रदेश के देवास में बृद्धा विद्द्या लोधी की मूल रजिस्ट्री पर स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत एवं भ्रष्टाचार की नियत से शासकीय पट्टा देकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण कर घोर अन्याय पूर्ण कृत्य किया है, प्रकरण की जांच कर न्याय किया जावे।

12. मानसून समय से पूर्व न आने देर से आने के कारण किसानों की मूंग की फसल को शासन की घोषणा के बाद भी नही खरीदा गया अतः किसानों की फसल के हुए नुकसान की जांच कराकर उचित मुआवजा दिया जावे।

13. देश में पिछड़ा वर्ग के लिए मंडल आयोग, महाजन आयोग एवं कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूला सिफारिशों को लागू किया जावे।

14. छत्तीसगढ़ प्रदेश के बिलासपुर जिले के तोरवा थाना के अंतर्गत ग्राम मेहमंद (लाल खदान) में ओबीसी समाज की नाबालिग बेटी कुमारी दुर्गा साहू की आबरू उजाड़कर निर्मम हत्या कर दी गई CBI द्वारा निष्पक्ष जांच कर मृतिका के परिवार को 15 लाख रुपए सहायता राशि देकर परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जावे।

15. देश में COVID-19 के पिछड़े वर्ग समुदाय के अधिकारी, कर्मचारियों के साथ - साथ कमजोर, आर्थिक संसाधनों से कमजोर, और शासन की योजनाओं के लाभ से बंचितों का शोषण जाति द्वेष की भावना से नहीं किया जावे और शोषणकारी अपराधियों के ऊपर राष्ट्रीय आपदा कानून के तहत कार्यवाही की जावे।

16. मध्यप्रदेश एवं बिहार के नगर निगम, नगर पालिका एवं पंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग के आवेदकों को 27% सीटें आरक्षित की जावे।

17. बिहार में पिछड़े वर्ग की छात्राओं के लिए पृथक से विद्यालय एवं महाविद्यालय खोले जावे।

18. महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में ओबीसी वर्ग के 27% लागू आरक्षण को समाप्त कर दिया गया है पुनः महाराष्ट्र नगर निगम, नगर पालिका एवं पंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग के आवेदकों को 27% सीटें आरक्षित की जावे।

19. ऑल इंडिया नीट में ओबीसी कोटा 27% आरक्षण लागू किया जावे।

20. देश के 40 केंद्रित विश्वविद्यालय में 27% आरक्षण लागू कर प्रोफ़ेसर भर्ती आयोजित की जावे।