NTSE में 5 बच्चों ने पाई सफलता: INDUCTANCE EDUCARE ने किया अपने आप को साबित की वही हैं शिक्षा के क्षेत्र की असली ताकत

शिवपुरी। खबर जिले की ऐजुकेशन क्षेत्र से जुडी हुई हैं,पिछले वर्ष 2020 मे आयोजित नेशनल टैलेंट सर्च एक्जाम में शिवपुरी के 5 स्टूडेंटो ने यह एक्जाम क्रेक किया हैं। जिसमें से 3 स्टूडेंट इंडक्टेंस के हैं। इस NTSE के इस रिजल्ट के बाद इंडक्टेंस ने सिद्ध कर दिया की जिले की शिक्षा के क्षेत्र की असली ताकत हैं।

नबंवर 20 में नेशनल लेबल का NTSE एक्जाम हुआ था। इस एक्जाम में शिवपुरी के लगभग 1 हजार बच्चो ने फार्म भरे थे और एक्जाम दिया था। 6 जुलाई 21 को इस एक्जाम का रिजल्ट आया जिसमें जिले के 5 बच्चो ने इस एक्जाम के फस्ट फेज को क्रेक किया हैं।

पहले समझे क्या होता हैं NTSE

नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन (NTSE) हाइ इंटेलेक्ट और एकेडमिक टैलेंट वाले स्टूडेंट्स की पहचान करने और उन्हें पहचानने के लिए सेकेंडरी स्कूल लेवल पर एक नेशनल लेवल स्कॉलरशिप प्रोग्राम है। इस प्रोगाम के तहत देश के 1000 मेधावी स्टूडेंटो की खोज होती हैं।

इस एक्जाम में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र परीक्षा में बैठ सकते हैं. जो स्टूडेंट्स इसमें भाग ले सकते हैं उन्होंने कक्षा IX में में 60% अंक हासिल किए होने चाहिए. छात्र को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ना चाहिए। भारत सरकार ने प्रोग्राम चलाया है देश के मेधावी छात्रो को वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

यह एक्जाम 200 अंको का होता हैं। इस एक्जाम में शिवानी धाकड ने 175 अंक,राज महादुले ने 176 अंक,आदित्य जैन नेे 172 अंक,त्रिलोक धाकड ने 167 अंक और निर्मल जाटव ने 151 प्राप्त किए हैं।

किसान की बेटी शिवानी ने किया कमाल: 45 दिन की तैयारी में पास

अपनी सफलता पर खुश होते हुए शिवानी धाकड ने कहा कि मैने कोंचिग की पढाई के अतिरिक्त 4 घंटे प्रतिदिन इस एक्जाम को क्रेक करने के लिए दिए। हमारी कोचिंग की फैक्ल्टी ने इस एक्जाम के लिए विशेष तैयारी कराई थी प्रत्येक विषय के अलग फैकल्टी थी।

शिवानी के पिता बलराम धाकड कृषक हैं। उसकी सफलता से पूरा परिवार खुश हैं। शिवानी ने कहा मै आईआईटी करना चाहती हैं और इंजीनियरिंग की प्रोफेसर बनना चाहती हूं,क्यो कि मुझे पढना और पढाना अच्छा लगता हैं।

मैने अपने लूज विषय को चैलेंज के रूप में लिया:आदित्य जैन

अपनी सफलता पर आदित्य जैन ने कहा कि मैने इस एकजाम को पास कर यह सीखा है कि अगर मनोबल मजबूत हैं तो जीत पक्की होती हैं। इंडक्टेंस के टीचरो ने मेरे लूज विषयो पर फोकस करना शुरू किया और जीत के लिए प्रेरित किया। यही कारण रहे मेरी सफलता के। वही आदित्य का कहना है कि वह मार्केटिंग फायनेंस से एमबीए करना हैं और नौकरी नही करनी हैं स्वयं की कंपनी बनाकर बिजनिस करना हैं।

हमे विषयो से डरना नही लडना सिखाया: अरूण

प्राईवेट शिक्षक अरूणा के बेटे राज माहदुले ने इस परिक्षा में 176 अंक प्राप्त किए हैं। राज ने बताया कि इंडक्टेंस की फैक्लटी की खास बात यह है कि पर 24 घंटे और सातो दिनो के किसी भी समय फोन पर भी हमारे ढाउट क्लीयर करा देते हैं। पढाई के साथ साथ हमे मॉटीवेट भी किया जाता हैं। हमारे लूज विषयो से हमे लडाया जाता हैं जिससे हमारा डर निकल जाता हैं।

राज ने कहा कि मुझे बडे होकर आईआईटी इंजीनियरिंग करनी हैंं। इन बच्चो के अतिरिक्त शिवपुरी जिले के निर्मल जाटव और त्रिलोक जाटव ने भी इस एक्जाम को क्रेक किया हैं। निर्मल और त्रिलोक ने शहर के अन्य किसी संस्थान से तैयारी की है।

इस पूरी खबर में सबसे बडी बात यह हैं कि इस NTSE एक्जॉम में शिवपुरी के लगभग ऐसे 700 बच्चो ने भी परिक्षा दी थी जो कोटा की कोंचिगो से आनलाईन क्लास लेकर इस प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी कर रहे थे लेकिन उनमे से किसी ने भी यह सफलता हासिल नही की है। वही 300 ऐसे बच्चो ने इस शिवपुरी के टीचरो के मार्गदर्शन इस एक्जाम की परिक्षा दी हैं।

इन पांचो बच्चो ने शिवपुरी में ही पढकर और अपने कोचिंग टीचरो के मार्गदर्शन में यह सफलता हाासिल की हैं,इससे उन बच्चो के भविष्य के द्धवार और उन परिवारो की टेंशन खत्म हो गई जो अपने बच्चो को आर्थिक हालातो के चलते कॉम्पटिशन की तैयारी कराने कोटा नही भेज सकते है ओर इसमें सबसे बडा उदाहरण आया है किसान की बेटी शिवानी का।

सफलता एक दिन में नही पर एक दिन मिलती अवश्य है

अपनी संस्थान की इस सफलता पर संस्थान के डारेक्टर विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चो अपने मन में एक बात पहले से क्लीयर कर ले कि सफलता एक दिन में नही पर एक दिन मिलती अवश्य हैं। यह चारो बच्चे अपने टारगेट से नही भटके इनका टारगेट सेट था कि हमे यह एक्जॉम क्लीयर करना हैं और उन्होने कर दिखाया।

वही मैं अपनी फैक्लिटी को इस सफलता पर बधाई देता हूं उन्होने इन बच्चो की मनोदशा को समझकर अपने टिप्स दिए,और उनकी ईच्छा शक्ति को इतनी मजबूत कर दी कि अपने माता पिता के साथ से अच्छा साथ नही सकता हैं,हम उनके साथ ही रहकर अपनी पढाई करेंगें ओर सफलता हाासिल करेंगें। क्यो की बच्चो के मन में यह बात आती हैं कि हम महानगरो मे रहकर अच्छी पढाई कर सकते हैं लेकिन शिवपुरी के इस रिजल्ट ने इस बात को गलत साबित कर दी हैं। विवेक श्रीवास्तव, शिक्षाविद और संचालक इंडक्टेंस शिवपुरी