अगर कोरोना को हराना है तो करनी होगी वैक्सीनेशन की रफ्तार, कछुआ चाल को बढ़ाना होगा - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना से बचाव टीका है लेकिन शहर सहित अंचल में वैक्सीनेशन की जो रफतार है उससे कोरोना को नहीं हराया जा सकता है ऐसे में कोरोना को हराने के लिए टीका अभियान को तेज करना होगा जिससे लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लग सके। इतना ही नहीं लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित भी करना होगा जिससे लोग आगे आकर वैक्सीन लगवाएं और कोरोना को हराएं।

स्तनपान वाली महिलाएं नहीं लगवा रही वैक्सीन

जो माताएं अपने बच्चों को स्तनपान करा रही है वह वैक्सीन नहीं लगवा रही है जबकि वैक्सीन उनके लिए भी आवश्यक है। लेकिन वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांति है जिसे मिटाना होगा जिससे वह वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आएं।

वैक्सीन के बाद भी हो रही मौतें

कई लोगों को वैक्सीन के दो डोज लगने के बाद भी उनकी कोरोना से मौत हो गई। इसे लेकर भी लोगों के मन में भ्रांति है ऐसे में हमें लोगों के बीच जाकर यह बताना होगा कि कोरोना को हराने के लिए वैक्सीन जरूरी है।

लेकिन यह मौतें किस वजह से हुई यह तो पीएम के बाद ही निष्कर्ष निकल सकता है लेकिन कोरोना से बचाव का तरीका ही वैक्सीन है इसलिए लोगों को आगे आकर वैक्सीन लगवानी होगी।

22 लाख की आबादी कम से कम 5 हजार लोगों को लगे वैक्सीन

जिले की आबादी की बात करें तो यह 22 लाख के आसपास है ऐसे में वैक्सीन की रफतार को बढाना होगा और हर रोज जिले में कम से कम 5 हजार लोगों को वैक्सीन लगनी चाहिए जिससे लोग सुरक्षित हो सकें।

कम मात्रा में मिल रही है वैक्सीन

वैक्सीन की पूरे देश में अधिक मांग है और इस समय दो कंपनियां ही वैक्सीन बना रही है जिससे वह सप्लाई भी नहीं कर पा रही हैं यहीं वजह है कि स्वास्थ्य महकमें को वैक्सीन कम माऋा में मिल रही है जिससे वह कम लोगों को ही वैक्सीन लगा पा रहे हैं। यदि वैक्सीन ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होगी तो वैक्सीनेशन की रफतार भी बढ जाएगी।