बंद होते रोजगार,मजदूरों के आगे रोजगार का संकट, डिप्रेशन का शिकार हो रहे है बेरोजगार - Shivpuri News

शिवपुरी। गांव गांव में कोरोना ने दस्तक दे दी है। जिससे कई गांवों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। इतना ही नहीं कई गांवों को तो पूरी तरह से सील कर दिया है जिससे यहां के लोग गांव के बाहर तक नहीं जा पा रहे हैं। इतना ही नहीं मनरेगा में मजदूरी तक को बंद कर दिया गया है जिससे गांव वालों के सामने रोजगार का संकट खडा हो गया है।

बाहर गए लोग भी लौट रहे वापस

शिवपुरी के गांवों के कई लोग गुजरात और अन्य राज्यों में मजदूरी के लिए जाते हैं और वहां जाकर काम कर पैसा कमाते हैं लेकिन कोरोना के चलते गुजरात और उत्तरप्रदेश सहित दिल्ली भी पूरी तरह से लॉक हैं ऐसे में वहां काम करने गए लोग भी वापस लौट आए हैं।

अब उनके सामने रोजगार का संकट खडा हो गया है तो दूसरी ओर परिवार को कैसे चलाएंगे यह बात भी उन्हें समझ नहीं आ रही है।

4 बीघा खेती 5 भाई कैसे हो गुजारा

सतेरिया का रहने वाला रामदास गुजरात में मजदूरी कर अपने परिवार को चलाता था लेकिन गुजरात में कोरोना फैला तो वह वापस लौट आया। यहां 4 बीघा जमीन है उस पर भी 5 भाई है ऐसे में खेती से कैसे गुजारा होगा यह सोच सोचकर रामदास को रात को नींद तक नहीं आ रही है।

ऑटो चालक हरदेव लौटा वापस भिंंड

शिवपुरी के वायपास पर एक ऑटो चालक मिला जिसका नाम हरदेव था और वह भिंड का रहने वाला था। अहमदाबाद में ऑटो चलाकर परिवार को चला रहा था लेकिन लॉकडाउन लगा तो पहले वापस लौट आया और इस बार फिर वह वापस लौट आया है। गांव में ही मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार चलाएगा।