पॉजिटिव सोच ने दिलाई कोरोना जीत,धैर्य और डा. भरोसा रखें: कोरोना योद्धा उमेश भारद्वाज - Shivpuri News

शिवपुरी। आज कोरोना को हराकर बापिस लौटे शहर के प्रतिष्ठित अधिमान्य पत्रकार उमेश भारद्धाज ने कोरोना को हरा दिया। आज उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ होने पर मेडीकल कॉलेज से छुट्टी मिल गई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। कोरोना को हराकर उमेश भारद्धाज ने बताया कि कोरोना में लोग अस्पताल में ही लापरवाही कर रहे है। जिसके चलते वह यह जंग हार रहे है।

अपने आखों देखी बात बताते हुए वह भावुक हो गए और उन्होंने बताया कि उनके आप पास के पंगलों पर उपचार करा रहे लोग लापरवाही बरत रहे है। जिसके चलते उनकी हालात बिगड जाती है और वह इस युद्ध में जान गवां रहे है। उन्होंने शिवपुरी शहर के लोगों से अपील की है कि जब आॅक्सीजन की जरूरत है तो पूरी तरह से वह आॅक्सीजन ले और इस जंग को आसानी से हरा सकते है।

उन्होंने बताया कि मेडीकल कॉलेज में डॉक्टरों की पुरी टीम पूरी मुस्तैदी से मरीजों की सेवा में लगी हुई है। परंतु वहां भर्ती मरीज डॉक्टरों की बात को नहीं मान रहे और वह लगातार वह डॉक्टरों के कहने के बाद भी आॅक्सीजन निकालकर रख देते है। जब हालात बिगडने लगती है तबतक देर हो चुूकी होती है।

आज से ठीक 15 दिन पूर्व कोरोना लक्षण के आधार पर 2 दिन जिला चिकित्सालय में उपचार लिया तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती हो गया हां मैंने देखा कि लोग इस महामारी से इतने क्यों भयभीत हैं वह का क्या कारण है यह भी नहीं समझ सका बस इतना समझा कि लोग महामारी से कम और भयभीत होकर मनोबल डाउन होने के कारण जिंदगी की जंग हार दे चले जा रहे हैं।

यदि मनोबल हिम्मत और थोड़ा सा कष्ट सहने की क्षमता यदि शरीर में शरीर में बची है तो कोरोना तो क्या इससे भी बड़ी जंग को व्यक्ति जीत रहा है हां सच्चे दोस्त और हौसला बढ़ाने वालों का भी थोड़ा सा संभल मिल जाए जंग आसानी से और भी अधिक जीती जा सकती है मेरे साथ हरि ओझा राकेश शर्मा एक परिहार एक अन्य व्यक्ति उपचार के लिए दाखिल हुए थे।

उससे कहीं अधिक चारों लोगों का शरीर काम कर रहा था लेकिन वह इतने बिजी थे मैं कुछ बता नहीं सकता मैं खुद बीमार था इसके बाद भी मैंने अपने परिचित राकेश शर्मा एवं हरि ओझा पार्षद वह एक व्यक्ति अन्य जो मेरे पलंग के पास ही था से कहा की आप मुझसे कहीं अधिक स्वस्थ हो आप इतना क्यों भयभीत हो रहे हो मेरी हालत देखो जब मैं नहीं घबरा रहा तुम इतने क्यों भयभीत हो डॉक्टर दवा दे रहा है।

ऑक्सीजन अपना काम कर रही है फिर डर कैसा जो होगा देखा जाएगा लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं मानी अंतिम बार मैंने आपसे कहा अब तुम जंग नहीं जीत पाओगे और उन्होंने अगले दिन दम तोड़ दिया ऐसे कई लोग हैं जो महामारी से नहीं डर से दम तोड़ रहे।

उन्होने बताया कि डॉक्टर रीतेश यादव और उनकी पूरी टीम का में शुक्रियादा कैसे करू उन्होंने प्रोपर तरीके में मुझे दबाईयों के साथ साथ मजबूती से बांधकर रखने का प्रयास किया। इसके साथ मेरे बडे भाई और अति आदरणीय मध्यप्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर,अतुल तारे जी,छोटे भाई डॉ अजय जी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम जी, डॉ राकेश राठौर,रंजीत गुप्ता,दिलीप शर्मा,ललित मुदगल,राजू शर्मा,सतेन्द्र उपाध्याय,लालू शर्मा है जिन्होंने मेरे हौसले को कम नहीं होने दिया हौसला मेरा बढ़ाते रहें और मैं आज आपने परिवार के बीच में हूं।