डॉ आकाश ने मेडिकल कॉलेज के डीन को डॉन बताया, मरीजों को पीने को पानी तक नहीं देते - Shivpuri News

शिवपुरी। मेडीकल कॉलेज में आनन फानन में आईसीयू तो तैयार कर दिया लेकिन यहां जो भी कोरोना मरीज जा रहा है वह लौटकर नहीं आ रहा है यह हम नहीं कह रहे हैं यह सरकारी आंकडे बता रहे हैं। कोरोना से अब तक 40 से अधिक मौतें मेडीकल कॉलेज के आईसीयू में हो चुकी है। इतना ही नहीं एक पिता की मौत से दुखी डॉक्टर ने डीन और मेडीकल कॉलेज के आईसीयू की व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी है।

पिता की मौत से दुखी डॉक्टर ने लगाए गंभीर आरोप

सेनि बैंक अधिकारी विजय वर्मा की मौत के बाद उनके डॉक्टर बेटे आकाश कटारिया ने मेडीकल कॉलेज के डीन को यमराज का रूप बताया है और कहा कि यह डीन नहीं डॉन हैं जिसके रबैए के चलते मरीजों का स्वास्थ्य ठीक होने की वजाय वह वहां दम तोड रहे हैं।

पिता को मोबाइल हो गया चोरी

मेडीकल कॉलेज एक तो शहर से काफी दूर हैं ऐसे में वहां भी चोरों ने अपनी पैठ बना ली है। यह हम नहीं कर रहे हैं यह खुद मेडीकल कॉलेज प्रबंधन कह रहा है। मेडीकल कॉलेज ने डॉ कटारिया के पिता का मोबाइल चोरी होना बता दिया है। इससे साफ है कि मेडीकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं हैं जबकि 200 करोड के बजट से तैयार इस मेडीकल कॉलेज में सुरक्षा का न होना अपने आप में शर्मनाक है।

कई लोग समाए काल के गाल में

मेडीकल कॉलेज के आईसीयू की बात करें तो यहां से मरीजों के स्वस्थ होने का आंकडा तो नहीं आया लेकिन यहां से भर्ती मरीजों की मौत की खबरें जरूर सामने आई जिससे साफ है कि यहां कोरोना मरीजों के उपचार में कितनी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

पानी तक दान में लिया

मेडीकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को ढिंढोरा तो तब ही पिट गया जब वहां भर्ती मरीजों को पानी तक नहीं मिला। भला हो आकाश पार्षद का जिसने कोरोना मरीजों के दर्द को समझते हुए उन्हें विसलेरी का पानी भेजा। इतना ही नहीं मरीजों को खाना कैसा मिल रहा होगा इसका अंदाजा भी आप लगा सकते हैं।