अच्छी खबर: मेडीकल कॉलेज में PPE KIT पहनकर मरीजों से मिल सकेंगे अटैंडर, दो बार वीडियों कॉन्फ्रेंस से होगी बात - Shivpuri News

शिवपुरी। जिला अस्पताल की तर्ज पर अब मेडिकल कॉलेज में भी अटेंडर कोविड का इलाज करा रहे मरीजों से 24 घंटे में एक बार संक्षिप्त समय के लिए मुलाकात कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें पीपीई किट पहनकर ही अंदर प्रवेश मिलेगा।

इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अटेंडर की बात मरीजों से हो सकेगी। दरअसल कलेक्टर एसपी के मरीजों से संवाद के बाद प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया। जिसमें अटेंडरों को राहत देते हुए मेडिकल कॉलेज में भी अब परिजन अपने अटेंडर से मिल सकेंगे।

हालांकि अटेंडर से बातचीत के लिए क्राइसिस समूह के सदस्य पुन: मेडिकल कॉलेज पहुंचे और फिर उन्होंने डीन डॉ. अक्षय निगम के समक्ष ही अटेंडर से बातचीत की जिसमें कोई शिकायत तो उन्होंने दर्ज नहीं कराई लेकिन उन्हें अपने परिजनों से एक बार मिलने दिया जाए यह मांग अवश्य की।

गाइडलाइन के तहत ऐसा संभव नहीं था, लेकिन मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए कोविड प्रोटोकॉल के तहत संक्षिप्त समय के लिए अटेंडर अब अपने मरीज से मिल कर उनका हाल-चाल जान सकेंगे। एक समन्वय समिति भी बनाई गई है जिसके बारे में बताते हुए सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि है यह सेवा के लिए रिसेप्शन पर उपलब्ध रहेगी।

परिजनों, मरीजों और डॉक्टर के बीच समन्वय का काम करेगी। दोपहर 12 से 2 बजे का समय इसके लिए निर्धारित है। जिसमें पीपीई किट के साथ अटेंडर मरीज से मिल सकेंगे। यह समिति क्राइसिस समिति के वरिष्ठ सदस्य आलोक इंदौरिया, समीर गांधी की मेहनत पर राजेंद्र गुप्ता, आशीष सेठ, अभय शिवहरे, भानु दुबे, विपुल जैमिनी, केपी परमार अपना समय प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज में देंगे। ताकि अटेंडर की व्यवस्था बनाने में यह समिति सहयोग करे।

कॉलेज में अटेंडेंट को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं

डीन का कहना है कि यहां रेन बसेरा बनाने जगह, एनजीओ और नपा करे पहल मेडिकल कॉलेज में मरीजों के अटेंडरों को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल यह व्यवस्था अंबिका कॉलेज में खेल मंत्री के निर्देश पर बनी है। डीन डॉ निगम की मानें तो मेडिकल कॉलेज के पास पड़ी खाली जगह पर यदि रेन बसेरा बन जाए तो इससे स्थायी समाधान अटेंडर के लिए रहेगा।