CORONA कफ्यू: कई व्यापार लुढके और गए शून्य पर, लेकिन लेकिन यह व्यापार चले 400% अधिक - kolaras News

कोलारस। देश का शायद ऐसा कोई भी हिस्सा नही बचा हो जहां कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक न दी हो। जिलें में 13 अप्रैल के दिन जिले में कोरोना ने छलांग लगाने शुरू कर दी,13 अप्रैल की जांचो में पॉजीटिव मरीजो का सैकडा लगा। इसके बाद जो कोरोना से मौतो का सिलसिला शुरू हुआ उसके बाद आज तक थमा नही है।

जिले की कोलारस तहसील में कोरोना वायरस का कहर रहा,पिछली बार की तुलाना में 10 गुना मरीज पॉजीटिव आए और मौते में 10 गुना हुई हैं। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना कफ्र्यू प्रभावी रहा,लोग अपना काम धंधा छोडकर घरो में बैठे रहे,तो कुछ लोगो का व्यापार आम दिनो से 4 गुना अधिक चला इसमें स्वास्थय से जुडा कारोबार जैसे प्राईवेट चिकित्सक,मेडिकल की दुकाने और प्राईवेट पॉथोलोजी हैं।

कोलारस क्षेत्र के डिग्री धारी और आएमपी डॉक्टरो के क्लीनिको पर जमकर भीड हुई। कोरोना की गाईड लाईन के कारण आमजन जांच कराने नही जा रहे थे और अपना प्राईवेट ईलाज कर रहा थे इस कारण मेडिकल की दुकानो पर भी भारी भीड देखी गए।

मेडिकल की दुकानो पर भी आम जन सीधे दवा लेने पहुंच रहे थे। बुखार,खांसी की दवाओ के साथ साथ सैनिटाइजर, हैंड वॉश समेत कई हाइजीन प्रोडक्ट के साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाओं की खपत में भारी बढ़ोतरी हुई है,साथ ही लिम्सी टेवलेट,मल्टी विटामिन टेवलेट,जिंकसल्फेट,आयुर्वेदिक में च्यवनप्राश, गिलोय का जूस गिलोय घनवटी आदि दवाओं की लोग अधिक मांग कर रहे हैं। दवाई कंपनियों द्वारा डिमांड पूरी न कर पाने के चलते मार्केट से कई आवश्यक मल्टीविटामिन सहित बुखार की दवाएं मार्केट से शॉट हुई ।

इस कोरोना काल में ठंड लगकर बुखार आया इस कारण झोलाछाप डॉक्टरो ने मलेरिया के इंंजेक्शन और गोली इतनी लिखी वे मार्केट से शोर्ट हो गई। वही इम्युनिटी बढ़ाने का की टेवलेट जिंककोट और सीरप की लगातार डिमांड आई इस कारण यह प्रोडक्ट 16 अप्रैल से ही शोर्ट हो गया। फिर यह 25 अप्रैल को फिर बाजारो में देखी गई। इस बीच मेडिकलो की दुकानो पर इन दवाओ की जमकर कालाबाजारी देखी गई।