लॉकडाउन में बढ़ाया गया यात्री बसों का किराया अब तक काम नहीं हुआ: जारी हैं RTO का जनालेवा भ्रष्टाचार

शिवपुरी। देश में लाॅकडाउन लगा था तो यात्री बसो के पहिए भी थम गए थे,फिर धीरे-धीरे अनलाॅक की प्रकिया शुरू हुई तो यात्री बसो को संचालन भी किए जाने लगा। बस से आधी क्षमता सवारी बैठाने की गाईड लाईन जारी की तो यात्री बसो का किराया भी बढ गया,लेकिन अब बसो मे क्षमता से आधी तो छोडिए क्षमता से अधिक सवारी भरी जा रही हैं लेकिन किराया नही घटा है।

जून में आया था आदेश
जून 2020 में क्षमता से आधी सवारी की गाईड लाईन जारी की गई थी,अब धीरे क्षमता से अधिक सवारी भी बसो में भरी जा रही हैं,लेकिन बसो का किराया नही घटा हैं,कोरोनाकाल के दौरान बढ़ाया गया 40 से 50 प्रतिशत किराया अब भी लिया जा रहा है।

ट्रेनो में नही है जनरल डिब्बे,सिर्फ रिजर्वेशन यात्रा की अनुमति
कोरोना काल में देश का मुख्य जन यात्रा करने वाला संसाधर रेल भी थम गई थी। अब रेले पुनःशुरू हो चुकी हैं,लेकिन गाईड लाईन के अनुसार जनरल डिब्बे नही हैं और सिर्फ रिजर्वेशन कराकर ही आप यात्रा कर सकते हैं।

लंबी दूरी की यात्रा के लिए आमजन रिजर्वेशन की सुविधा का उपयोग करता हैं लेकिन प्राय ग्वालियर,गुना और छोटी दूरी की यात्रा का उपयोग या तो रेल के जनरल सुविधा या बस से तय करता हैं ऐसे में रेलो में जनरल कोच नही होने के कारण सिर्फ एक मात्र साधन बसे ही रह गई हैं। इस कारण भी बसो में सफर करने वाले लोगो की संख्या भी बढ गई हैं।

सिर्फ दतिया जिले में किराए में  कमी
ग्वालियर-चंबल संभाग के सिर्फ दतिया जिले में जरूर बस यूनियन और जिला परिवहन विभाग की बैठक के बाद बस संचालकों ने किराए में कमी है। लेकिन यह हाल शिवपुरी के अलावा भिंड, मुरैना, श्योपुर में किराए में किसी तरह की कमी नहीं की गई है।

शिवपुरी से कोलारस,बदरवास,खोड़,करैरा,पिछोर,ईसागढ़,खनियाधाना,श्योपुर,झांसी,अशोकनगर,गुना और ग्वालियर जाने वाले यात्रियो की संख्या प्रतिदिन निकलती हैं। और यह बसे क्षमता से अधिक सवारी भर रही हैं,और किराया भी मनमानी तरिके से वसूल रही है। लॉकडाउन से पहले कम था किराया, अब 50 प्रतिशत अधिक तक वसूल रहे हैं।

जारी हैं आरटीओ मेंडम का जानलेवा भ्रष्टाचार
शिवपुरी की आरटीओ मधुसिंह को यह मामला संज्ञान में हैं लेकिन उन्होने इस ओर ध्यान दिया हैं और न ही बसो की चैंकिग शुरू की है। सिर्फ वह काम किए जाते हैं जिसमें उनकी स्वंय की इनकम हो,इधर क्षमता से अधिक सवारी बसो में भरे जा रहे हैं,ऐसे में अगर कोई दुर्घटना होती हैं तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

अभी जो किराया है, वह कम है, इसमें और वृद्धि होना चाहिए
दो साल पहले डीजल 60 रु. था आज 86 रु. लीटर हो चुका है। रेट 26 रु. तक बढ़ा है, बसें पानी से तो नहीं चलाएंगे। किराया तो बढ़ाना पड़ेगा। कायदे से किराया कम है, इसमें अभी वृद्धि होना चाहिए।
रणवीर सिंह यादव, अध्यक्ष, प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन शिवपुरी

किराया कम नहीं हुआ तो परमिट निरस्त का प्रस्ताव भेजेंगे
किराया शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार लेना चाहिए। किराया बढ़ाने पर बस संचालकों से पहले ही बातचीत कर चुकी हूं। हम फिर से मीटिंग बुलाएंगे। किराया कम नहीं हुआ तो परमिट निरस्ती का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजेंगे।
मधुसिंह, जिला परिवहन अधिकारी, परिवहन विभाग जिला शिवपुरी