Shivpuri में अविवाहित युवको को फसाने शहर की युवतियों को किया था वेतन पर हायर

Bhopal Samachar

अनिल कुशवाह @ शिवुपरी। शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना पुलिस ने बीते रोज एक ऐसी गैंग का भंडाफोड़ किया है जो अविवाहित युवको को अपना निशाना बनाते थे। अविवाहित युवको को अपने झांसे में लेकर धोखाधड़ी करते थे। इस गैंग ने इस काम के लिए शिवपुरी शहर की बेरोजगार युवतियों को वेतन पर हायर किया था। इस मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने 1 महिला सहित 3 लोगो का आरोपी बनाया है।

फिजीकल थाना सीमा में स्थित टी.व्ही. टावर रोड अवध होस्पीटल के पास प्रियदर्शनी कॉलोनी में स्थित एक मकान मे अवैध रूप से मैट्रिमोनियल साइड का कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। इस सेंटर को ग्वालियर और इंदौर के कुछ लोग संचालित कर रहे थे। इस कॉल सेंटर मे शिवपुरी की एक दर्जन युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। इस अवैध कॉल सेंटर पर कोई बोर्ड नहीं था,वही इस सेंटर पर प्रतिदिन युवतियो का आना जाना था इस कारण कॉलोनी के रहने वाले लोगों को यहां कुछ संदिग्ध होता प्रतीत हुआ इस कारण कॉलोनी में से किसी व्यक्ति ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी।

इस सूचना पर फिजिकल थाना प्रभारी नम्रता भदौरिया ने अपनी टीम के साथ दबिश दी और 2 पुरुष सहित एक दर्जन महिलाओं को अपने साथ ले आई। वही इस कॉल सेंटर से एक दर्जन मोबाइल और 10 से अधिक कम्प्यूटर जब्त किया। यह दबिश फिजीकल थाना प्रभारी ने बीते रोज शुक्रवार की दोपहर दी थी। पुलिस के द्वारा इतनी बडी संख्या मे युवतियो को राउडअप करने की सूचना पर शिवपुरी शहर में अपवाह का बाजार गर्म हो गया। सोशल पर पोस्ट होने लगी कि पुलिस ने किसी बड़े सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ किया है।

शिवपुरी की मीडिया भी इस मामले में जानकारी चाहती रही लेकिन पुलिस ने इस मामले को लेकर कोई अधिकृत जानकारी नही दी पुलिस कहती रही की कार्यवाही प्रचलन में और पूछताछ होने के बाद तत्काल अपटेड दिया जाऐगा। इस मामले में शुक्रवार की देर रात फिजिकल थाना पुलिस ने शिवपुरी शहर की युवतियों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया था। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने आज अपनी गुड मॉर्निंग की खबर में इस खबर को Shivpuri News: फिजिकल पुलिस ने किया लुटेरी दुल्हनों को राउंडअप,मीडिया पर सेंसरशिप शीर्षक से प्रकाशन किया था,पुलिस ने आज प्रेस वार्ता कर इस खबर की सत्यता पर मोहर लगा दी।

शिवपुरी एसडीओपी संजय चतुर्वेदी को बताया कि फिजिकल क्षेत्र में अवैध रूप से  मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना प्राप्त की। इस सूचना पर फिजिकल थाना पुलिस ने प्रियदर्शनी कॉलोनी में चल रहे इस कॉल सेंटर पर छापा मार कार्यवाही की ओर संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की। इन लोगों ने बताया कि शिवपुरी शहर में एक और कॉल सेंटर झांसी रोड तिराहा भारत गैस एजेंसी के पास भी चल रहा है। इन कॉल सेंटर से मैट्रिमोनियल और यूनिक रिश्ते डॉट कॉम एवं शादी मैचिंग डॉट कॉम नाम की साइड का संचालन किया जा रहा था।

कॉल सेंटर के मैनेजर देवेश बरैया व स्टाफ से पूछताछ करने पर उनके द्वारा संचलाक विवेक एवं संचालक अमित जैन, मैनेजर देवेश बरैया, मैनेजर निशा राजे, मैनेजर आरती शर्मा, मैनेजर हर्षित यादव, मैनेजर मंजू यादव एवं द्वारा टी.व्ही. टॉवर एवं झांसी रोड तिराहे पर मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर बनाकर उस पर मोबाइल एवं कम्प्यूटर का उपयोग करके मैट्रिमोनियल साइट पर रजिस्ट्रेशन करके महिला बनकर (प्रतिरूपण) ग्राहकों को फर्जी तरीके से प्रलोभित एवं गुमराह कर क्यू.आर. कोड एवं बैंक खाते के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करबाना बताया।

दोनो स्थानों पर मौके पर मिले आरोपीगण देवेश बरैया,मंजू यादव, हर्षित यादव, को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ कर धारा 35 (3) बीएनएसएस का नोटिस तामील कराकर माननीय न्यायालय उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया प्रकरण में अपराध क्रमांक 13/26 धारा 318 (4), 319 (2) बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया  गया।

इस कॉल सेंटर पर अविवाहित युवको को फसाया जा रहा था
इस कॉल सेंटर पर सोशल मीडिया से डाटा एकत्रित किया जाता था,इसके लिए 12 कम्प्यूटर लगाए गए थे,इस डाटा के माध्यम से शिवपुरी की युवतियों से युवको का कॉल लगवाए जाते थे और शादी के लिए युवतियों के फोटो भेजे जाते थे। युवक इस कॉल सेंटर से लगाए गए कॉल से झांसे में फस जाते तो स्क्रीनशॉट भेजकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे लिए जाते और पैसा आने के बाद इस रैकेट में फसे युवक का नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता था।

वेतन पर हायर किया था शिवपुरी की युवतियों को
कॉल सेंटर संचालक ने इस काम के लिए शिवपुरी की युवतियों को वेतन पर हायर किया था। पुलिस की पूछताछ में कॉल सेंटर पर पकड़ी गई युवतियों को बताया था कि वह यहां पर नौकरी करती है,इस कारण ही पुलिस ने शिवपुरी की युवतियों पर कोई मामला दर्ज नहीं किया।

फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। हालाकि पुलिस ने इस मामले में कई सवालों के जवाब नहीं दिए है इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बनता है कि क्या शिवपुरी की युवतियों को यह जानकारी थी कि यह फर्जी वेबसाइट है.......इनके द्वारा उपयोग में लिए जा रहे मोबाइल सिम अधिकृत आईडी से खरीदी गई है........ कितने दिनो से यह कॉल सेंटर संचालित थे..... इन कॉल सेंटरो को किराए पर भवन देने वालों ने पुलिस को अपने किराएदारो की अधिकृत सूचना पुलिस को दी...... अभी तक कितने लोगों के साथ यह फ्रॉड कर चुके है इन सब सवालो के जवाब से पुलिस बचती रही।