कांजी हाउस से ज्यादा गंदगी हैं शिवपुरी जिले के इस स्वास्थ्य केन्द्र में - Pichhore News

आशीष पांडेण्य/ शिवपुरी।
वर्तमान समय में जिले में की स्वास्थ्य व्यवस्थाए वैलिटिलेटर पर हैं, जिला अस्पताल से लापरवाही भरी खबरे आती रहती हैं,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो स्वास्थय केन्द्र तक ढहने की स्थिती में पहंुच गए है। खंडरो मे तब्दील होने लगे हैं कांजी हाउस इससे अधिक साफ होंगें।

हम बात कर रहे हैं पिछोर अनुविभाग में आने वाली ग्राम पंचायत चिन्नौदी की। चिन्नौदी ग्राम पंचायत खोड क्षेत्र में आती है। यह पंचायत खोड से मायापुर जाने वाली रोड पर स्थित हैं और इसकी दूरी खोड से 12 किमी हैं। खोड से पिछोर जिसकी दूरी लगभग 25 किमी हैं। इस केन्द्र के ना खुलने के कारण आम जन को 25 किमी दूर पिछोर जाना पडता हैं।

चिन्नौदी ग्राम पंचायत में प्राथमिक उपस्वास्थय केन्द्र है,इस स्वास्थय केन्द्र पर एक एएनएम तैनात है। सरकारी कागजो में देखा जाए तो यहां सब नियमपूर्वक काम होता हैं,लेकिन धरातल पर देखा जाए तो यहां का स्वास्थय केन्द्र खंण्डर मे तब्दील हो रहा हैं।

पूरे स्वास्थ्य केन्द्र में गंदगी का ढेर हैं कमरो में गोबर पडा है। गांव के छोटे-छोटे बच्चे इसमें शौच के लिए जाते हैं। सीधे शब्दो में लिखे तो यह स्वास्थय केन्द्र गंदगी के ढेर में तब्दील हो चुका है।

यहां पर डयूटी हैं एएनएम उषा शर्मा की,यहां स्वास्थय केन्द्र खुलकर प्रमाण दे रहा हैं कि यह नर्स उषा शर्मा अपने कार्य स्थल पर जाती नही है,अगर जाती तो यह स्वास्थय केन्द्र गंदगी के ढेर में तब्दील नही होता।

ग्रामीणो का कहना हैं कि अपने कार्य स्थल पर एएनए नही आती है। इस कारण इसे गांव के लोगो को स्वास्थय सुविधाए नही मिलती।

यह काम होता हैं एएनएम का
सरकार ने उपस्वास्थय केन्द्र पर एएनएम की नियुक्ति इस कारण की हैं, ताकि थम सके मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को थाम सके। एनएनएम का काम होता हैं उपस्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत आने वाले गांवा की गर्भवती महिलाओ का नियमित रूप से टीकाकरण करना,प्रसव के दौरान सहायता उपलब्ध कराना ओर शिशु के टीकारण करना।

ग्रामीण क्षेत्रो में गर्भवती महिलाओ में ब्लड की कमी होती हैं उसे नियमित चैक करना। गांव के निवासियो का प्राथमिक ईलाज करना ओर मलेरिया की जांच करना। लेकिन चिन्नौदी उपस्वास्थय केन्द्र पर ऐसा कुछ नही होता हैं एएनएम वहां नियमित नही जाती हैं। अगर जाती हैं तो सिर्फ खाना पूर्ति करने।

ग्रामीणो का कहना है कि इस मामले की शिकायत हम कई बार कर चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नही होती है। सबसे ज्यादा परेशानी हमे गर्भवती महिलाओ के प्रसव में होती हैं,गर्भवती महिलाओ के नियमित चैकअप के लिए भी हमे पिछोर जाना पडता हैं।

नियमित केन्द्र न खुलने के कारण अन्य बिमारियो के लिए या तो ग्रामीणो को पिछोर जाना पडता हैं या फिर झोला छाप डाॅक्टरो की शरण लेनी पडती हैं। जिससे क्षेत्र में झोला छाप डाॅक्टर फलफूल रहे हैं।

यह केन्द्र चिन्नौदी गांव में स्थित हैं इस गांव में लगभग 2 हजार लोग निवास करते हैं तथा इसके आसपास के गांव भी लगे हैं। अगर यह केन्द्र नियमित खुले तो लगभग 10 हजार लोग इससे लाभ ले सकेंगें।

केन्द्र नही खुलता हैं इसमें सीधे-सीधे लापरवाही एएनएम की है,साथ में ब्लाॅक मेडिकल आफिसर पिछोर की भी बडी लापरवाही सामने आ रही हैं,उनकी भी माॅनिटिंरिग पर भी सवाल खडे हो रहे हैं।