नही जुडें छात्रवृत्ति घोटाले के तार से तार, अब बैंक खातो को खंगाला जाऐगाः कलेेक्टर - Shivpuri News


शिवपुरी। जिले में उजागर हुआ छात्रवृत्ति घोटाले के तार-तार नही जुड पा रहे हैं। इस घोटाले की जांच करने संभागीय दल ने 22 जनवरी को शिवपुरी आकर दो दिन रहकर जांच पड़ताल की थी। लेकिन संभाग स्तरीय यह जांच दल अभी तक खाली हाथ है। जांच दल में शामिल अधिकारी यह नहीं बताने की स्थिति में नहीं हैं कि जांच का निष्कर्ष क्या निकला। लोक शिक्षण आयुक्त के आदेश के बाद भी जांच अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

इस कारण छात्रवृत्ति घोटाले कीे जांच जिला स्तर पर भी जांच शुरू होने जा रही है। फर्जी छात्रों के नाम से जारी छात्रवृत्ति राशि किसने निकाली हैए उन बैंक खातों की पड़ताल की जाएगी। जिला स्तरीय जांच दल खातों की बारीकी से जांच करेगा और अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचकर दोषियों के चेहरे सामने लाने का काम करेगा।

दरअसल कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के निर्देश के बाद कलेक्टर ने स्कूल संचालकों के संग बैठक आयोजित कर सारे मामले को समझा और छात्रवृत्ति घोटाले के दोषियों तक पहुंचने के लिए जिला स्तरीय जांच दल गठित करने का निर्णय लिया है।

कलेक्टोरेट शिवपुरी में आयोजित बैठक में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने जिला स्तरीय जांच दल में राजस्वए शिक्षा विभागए पुलिस अधिकारी और साइबर सेल एक्सपर्ट सहित एक सदस्य निजी स्कूल की तरफ से भी शामिल करने की बात कही।

खास बात यह है कि छात्रवृत्ति घोटाले को सामने लाने के लिए प्रशासन जरुरत पड़ने पर एक्सपर्ट की भी मदद लेगा जिससे छात्रवृत्ति घोटाला करने वालों के चेहरे सार्वजनिक हो सकें। कलेक्टर ने सभी स्कूल संचालकों से फर्जी छात्रों की जानकारी सोमवार तक एक ही आवेदन में संबंधित दस्तावेजों के साथ सौंपने को कहा है। इसके बाद जांच दल में किन अधिकारियों को शामिल करना हैए इसे लेकर कर आदेश जारी किए जाएंगे।

बैंक खाते कैसे और किसने खोले, राशि कैसे निकली, इसकी जांच होगी
बैठक में कलेक्टर ने सबसे पहले शिक्षा विभाग के अधिकारी और संकुल प्राचार्य, बीआरसी आदि की बात सूची। फिर एक.एक करके निजी स्कूल संचालकों को सुना। शुक्रवार शाम 6.30 बजे शुरू हुई बैठक 1 घंटे 45 मिनिट तक चली। आखिरी निष्कर्ष यही निकाला कि छात्रवृत्ति राशि जिन खातों में जारी हुई है, उन्हें कैसे और किसके द्वारा खोले गए हैं, राशि आहरित कैसे की गई है। इसकी जांच की जाएगी। जिले से बाहर के खातों के बारे में साइबर सेल की मदद से पता लगाया जाएगा।

साल 2016-17 की असफल सूची के बिल लगाकर ट्रेजरी से भुगतान हुआ
वन क्लिक से छात्रवृत्ति राशि जारी करने की प्रकिया साल 2016.17 से शुरू हुई। जिसमें एक से लेकर तीन क्लिक में जिन खातों में पैसा नहीं पहुंचा, ऐसी असफल सूची में शामिल छात्रों के बिल ट्रेजरी में लगातार खातों में भुगतान जारी कराया है। उन खातों की जांच होने से असलियत सामने आ सकेगी। मामले में तत्कालीन संकुल प्राचार्य से लेकर अन्य अफसर और गिरोह में शामिल लोगों के नाम उजागर हो सकेंगे।

पैसे किसने निकाले, इसका पता लगाएंगे
स्कूल संचालक अलग-अलग टुकड़ों में मौखिक रूप से अपनी बात रख रहे थे। सोमवार तक एक आवेदन में दस्तावेजों के साथ जानकारी देने को कहा है। जांच दल गठित करके हम बैंक खातों का पता लगवाएंगे कि पैसे किसने निकाले हैं और इसमें कौन शामिल हैं।

जो भी छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस मामले किसी भी प्रकार की ढ़ील नहीं बरती जा रही है। सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर शिवपुरी