पुराने ट्रासंपोर्ट नगर की 46 बीघा जमीन पर अवैध अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा प्रशासन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन - Shivpuri News

शिवपुरी। तत्कालीन साड़ा अधिकारियों ने 1995 में ट्रांसपोर्ट नगर हेतु 46 बीघा जमीन नोहरीकलां गांव में क्रय की थी। लेकिन इसके बाद ट्रांसपोर्ट नगर का प्लान चैंज हो गया और उक्त जमीन पर भूमाफियाओं ने धीरे-धीरे कब्जा कर लिया। उक्त जमीन करोड़ों रूपए की है और नगर पालिका तथा प्रशासन ने उक्त जमीन को भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए कभी प्रयास नहीं किया। 

जब उक्त जानकारी प्रदेश सरकार की मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया को हुई तो उन्होंने कलेक्टर को निर्देश देकर उक्त जमीन को भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने को कहा। लेकिन इसके बाद भी प्रशासन और नगर पालिका की तंद्रा नहीं टूटी है। भाजपा नेता और शिवपुरी के पूर्व सीएमओ रामनिवास शर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर उक्त जमीन को मुक्त कराने की मांग की है। 

पूर्व सीएमओ शर्मा ने कलेक्टर को लिखे पत्र में अवगत कराते हुए बताया है कि उक्त जमीन ट्रांसपोर्ट नगर बनाने हेतु शासन और प्रशासन द्वारा फाइनल की गई थी। उस समय वर्ष 1995 में साड़ा ने ट्रांसपोर्ट नगर हेतु 46 बीघा जमीन नोहरीकलां गांव में क्रय की थी। लेकिन ट्रंासपोर्ट नगर का प्लान चैंज होने के बाद वह जमीन पूर्ववत पड़ी रही है और जिन लोगों से जमीन क्रय की थी वहीं उसका उपयोग करते रहे।

श्री शर्मा बताते हैं कि मैंने अपने शिवपुरी सीएमओ के कार्यकाल में वर्ष 2010 में उक्त लोगों के कब्जे से जमीन का कब्जा हटाने का प्रयास किया। लेकिन राजनैतिक विद्वेशवश मुझे शिवपुरी से हटा दिया गया। 

तब से मेरे द्वारा उक्त जमीन भूमाफियाओं के कब्जे से नगर पालिका के आधिपत्य में सौंपे जाने के लिए निरंतर प्रयास किया गया। लेकिन भूमाफियाओं के दबाव से नगर पालिका द्वारा अभी तक इस भूमि से बेजा कब्जा नहीं हटाया गया। श्री शर्मा ने बताया कि वर्ष 2000 में साड़ा को समाप्त कर शासन ने उसकी अस्तियां व दायित्व नगर पालिका में समाहित कर दिए थे। ऐसी स्थिति में नगर पालिका को चाहिए कि उक्त जमीन को अपने आधिपत्य में लेकर उसका उपयोग हेतु प्लान बनाएं।