शिवपुरी। बाबू वृंदावन शर्मा सुसाइडकांड में जिला शिक्षा विभाग के 2 हजार के इनामी तत्कालीन पूर्व डीईओ अजय कटियार ने गुरुवार की सुबह शिवपुरी आकर सरेंडर कर दिया है। चालान के साथ देहात थाना पुलिस कोर्ट पहुंच गई और न्यायालय ने जेल वारंट जारी कर कटियार को जेल भेज दिया है। इसके बाद सर्किल जेल शिवपुरी ले जाया गया। मामले में तीन बाबू अभी फरार हैं।
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने गुरुवार को जिला न्यायालय पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। अपने ही विभाग के बाबू वृंदावन शर्मा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने और सुसाइड नोट छोडऩे पर देहात थाना पुलिस ने डीईओ कटियार और ऑफिस के तीन बाबू सचिन अग्रवाल, प्रशांत गुप्ता और नरेंद्र सेंगर के खिलाफ 3 जुलाई 2020 को मुकदमा दर्ज किया था। तभी से तत्कालीन डीईओ कटियार फरार थे।
पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने गिरफ्तारी के लिए 2 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था। सरेंडर की सूचना पर देहात टीआई सुनील खेमरिया दल बल के साथ कोर्ट पहुंच गए। यहां चालान पेश करने की प्रक्रिया पूरी कराई। न्यायालय ने जेल वारंट जारी कर दिया। इसके बाद तत्कालीन डीईओ कटियार को सर्किल जेल शिवपुरी भेज दिया गया है।
सस्पेंड से बहाल नहीं होने देने और कार्रवाई के डर से फांसी लगाई थी
बाबू वृंदावन शर्मा न्यायालय के एक प्रकरण में कागजी कार्रवाई नहीं करने के चलते निलंबित हो गए थे। आठ माह से निलंबन के बाद बहाल नहीं होने देने और कार्रवाई के डर से फांसी लगाकर जान दे दी थी। 27 जून की सुबह बांकड़े हनुमान मंदिर दर्शन की कहकर घर से निकले थे और 28 जून की सुबह लाश मिली थी। जेब से मिले सुसाइड नोट में बाबू ने अपनी मौत का जिम्मेदार डीईओ कटियार और दो बाबू सचिन अग्रवाल व प्रशांत गुप्ता को ठहराया।
तीनों बाबू फरार, सचिन व प्रशांत पर 2-2 हजार रुपए का इनाम घोषित
एफआईआर दर्ज होने के बाद तीनों बाबू सचिन, प्रशांत और नरेंद्र फरार बताए जा रहे हैं। इनमें से सचिन व प्रशांत पर भी पुलिस ने 2-2 हजार का इनाम घोषित किया है। नरेंद्र सेंगर का सुसाइड नोट में नाम नहीं था, लेकिन मृतक की पत्नी ने बतौर फरियादी के तौर पर नरेंद्र पर भी आरोप लगाए, जिससे पुलिस ने पर पर केस दर्ज कर लिया।

