जमीन अधिग्रहण मामले में हाईकोर्ट ने शिवपुरी कलेक्टर पर लगाया 1 लाख रूपए का जुर्माना - Shivpuri News

शिवपुरी। उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ शिवपुरी कलेक्टर पर 33 साल पुराने एक भूमि अधिग्रहण के मामले में एकलाख की कॉस्ट लगाई हैं। कलेक्टर को 30 दिन में 50 हजार की राशि महिला याचिकाकर्ता को देने के साथ 50 हजार रुपये ग्वालियर हाइकोर्ट में जमा कराने होंगे। आदेश न्यायमूर्ति शील नागू की अदालत ने 30 सितंबर को जारी किया था। 

मामला वर्ष 1987 के समय है तब शिवपुरी- गुना रेल लाइन डालने के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अभिभाषक चेतन कानूनगो ने बताया अमरजीत कौर निवासी कोलारस भूमि का भी अधिग्रहण प्रशासन ने किया था। उन्हें अन्य किसानों की भांति सही मुआवजा नहीं मिला था। वह कलेक्टर द्वारा पारित अवार्ड के विरुद्ध जिला न्यायालय गए फिर ग्वालियर उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय तक पिटीशन लेकर गए , उनकी यह मुआवजा राशि निरंतर बढ़ती चली गई। 

हालांकि अमरजीत कौर न्यायालय नहीं गई मगर उन्होंने इस दौरान अन्य भू स्वामियों की भांति ही स्वयं के लिए भी मुआवजा राशि की मांग की और कलेक्टर को एक आवेदन दिया, लेकिन कलेक्टर ने उस आवेदन को लंबित रख कोई निर्णय नहीं लिया । इस दौरान अन्य भूस्वामी सुप्रीम कोर्ट से केस जीत कर आए और उन्हें बढ़ी हुई मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई।

लेकिन अमरजीत कौर के प्रकरण का कोई निराकरण नहीं हुआ, जिसके चलते अमरजीत कौर ने फिर से कलेक्टर शिवपुरी को आवेदन दिया और मुआवजे की मांग की, अमरजीत ने सन 2000 में आवेदन कलेक्टर को आवेदन दिया था जिसे कलेक्टर ने बिना उचित आधार के दिसंबर 2015 में निरस्त कर दिया। कलेक्टर के इस फैसले के विरुद्ध पीड़िता ने 2016 में ग्वालियर खंडपीठ में रिट दायर की जिस पर तत्कालीन शिवपुरी कलेक्टर ने 2019 में जवाब दिया।

जवाब में देरी पर उच्च न्यायालय ने कलेक्टर पर तत्समय 5000 रुपए की कॉस्ट लगाई और अब इस प्रकरण में न्यायालय ने गत 30 सितंबर को आदेश पारित कर बिना समुचित आधार के महिला का आवेदन निरस्त करने के मामले में शिवपुरी कलेक्टर पर एक लाख रूपये की कॉस्ट अधिरोपित की हैं।