उपचुनाव में सकंट बनेंगी सोन चिरैया:मुक्तिमोर्चा कर रहा हैं गांव—गांव जाकर पंचायते / karera news

करैरा। करैरा विधानसभा के 30 गांव सोन चिरैया से प्रभावित हैं। इन गांवो की सीमाए सोन चिरैया अभ्यारण में आती है। इस कारण इस गांव का जीवन इस चिरैया के कारण नरकीय बन गया हैं। बार—बार इस अभ्यारण को खत्म करने की बात उठती हैं। नेता वादे करते हैं लेकिन नतीजा आज तक नही निकला हैं। लोग इस अभ्यारण से आजादी चाहते हैं। इससे मुक्ति चाहते हैं और संघर्ष कर रहे है।

अब इस अभ्यारण से स्वतंत्र होने के लिए मुक्तिमोर्चा का गठन किया और इस मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सघर्ष की आवाज तेज हो गई है। सौन चिरैया अभ्यारण में आने वाले गांवो में जमीन क्रय विक्रय नही कर सकते। पक्के मकानो का निर्माण नही किया जा सकता है। इस कारण इन गांवा में कुंवारो की संख्या बढती जा रही है। इसके चलते किसान परेशान हैं। हर बार चुनावों में सौन चिरैया अभयारण्य मुद्दा बनता है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई हल तक नहीं निकला है।

जमीनों के क्रय विक्रय पर लगा हैं प्रतिबंध
सोन चिरैया अभयारण्य के अंतर्गत 30 गांव ऐसे हैं, जहां की जमीनों की खरीद और बिक्री पर रोक हैं। इसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह अपनी जमीन न तो बेच पा रहे हैं और न ही कोई इन्हें खरीद पा रहा है। कई सालों से अभयारण्य को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार चुनावों में यह मुद्दा बनता है। राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे को लेकर आश्वासन तो देते हैं, लेकिन कोई हल आज तक नहीं निकल सका है।