गौशाला में बनने जा रही थी बालिका बधु, दूल्हा बोला: पापा ने कहा इसलिए शादी कर रहा हूं / Shivpuri News

शिवपुरी। महिला बाल विकास विभाग शिवपुरी शहरी एवं स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी की संयुक्त टीम ने गोशाला वार्ड 16 में निवासरत नावालिक बर का बाल विवाह  जो कि 24 मई को होने जा रहा था वह दोनो परिवारों को समझाईश देकर रुकवाया ।

शिवपुरी जिले में कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी0 एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास देवेन्द्र कुमार सुन्दरियाल के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम की दिशा में किये जा रहे सराहनीय प्रयासों की कड़ी में एक और कड़ी जुड़ गई है।

जानकारी देते हुये स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी के संयोजक रवि गोयल ने बताया कि सर्वप्रथम सेक्टर पर्यवेक्षक को अपने सेक्टर में एक नावालिक का बाल विवाह होने की सूचना मिली जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुये पर्यवेक्षक ने परियोजना अधिकारी शिवपुरी शहरी पवन तिवारी को सूचित किया जिस पर परियोजना अधिकारी ने तत्वरित कार्यवाही करते हुये महिला बाल विकास विभाग की दो पर्यवेक्षक श्रीमती मधू यादव , सुश्री निवेदिता मिश्रा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन की संयुक्त टीम बनाकर गौशाला में जांच एवं उचित कार्यवाही के लिए भेजा।  

संयुक्त टीम के द्वारा जब नावालिग वर के मार्कशाीट एवं मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच की गई तो लड़का 21 वर्ष से कम उम्र का पाया गया । पर्यवेक्षक द्वारा लड़के के माता पिता को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में पूरी जानकारी दी गई कि लड़के के लिए शादी की उम्र 21 वर्ष एवं लड़की के लिए 18 वर्ष होना जरुरी हैं नही तो कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़़ेगा जिसमें कि सजा एवं जुर्माना दोनो का प्रावधान है।

नाबालिग ने बताया कि मेरी मां का स्वास्थ्य खराब रहता हैं इस कारण मां बहुत अस्वस्थ रहती है इसीलिए में पापा के कहने पर यह शादी कर रहा था मेरी अभी शादी करने की कोई मंशा नही हैं । टीम द्वारा समझाईश के बाद लड़के की आयु 21 वर्ष से कम  होने की दशा में उनके परिवार  ने  विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया   इसके बाद लड़की के परिवार वालों को पूरी वस्तु स्थति से अवगत कराया ।

संयुक्त टीम ने दोनो परिवारों को यह समझाया कि भले लड़की बालिग हो परन्तु यदि लड़के  की उम्र 21  वर्ष से कम हैं  तो भी शादी गैर कानूनी होगी । इसके बाद लड़की के परिवार वाले  विवाह स्थगित करने की सहमत हो गए। संयुक्त टीम में पर्यवेक्षक श्रीमती मधू यादव ने लड़के के परिवार वालों को बताया कि लड़के की आयु 21 वर्ष के साथ साथ जब तक लड़का पूरी तरीके से आत्मनिर्भर न हो विवाह नही करनी चाहिये।

स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता रवि गोयल ने दोनो परिवारों को समझाईश देते हुये बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरुति हैं जिसको कि आप और हम सबको मिलकर दूर करना हैं इसमें लड़की एवं लड़के दोनो का शिक्षित होना बहुत जरुरी हैं।