नपा ठेकेदारों का पेमेंट नहीं कर रही, शहर में पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि / Shivpuri News

शिवपुरी। ग्रीष्म ऋतु में शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। लेकिन यह संकट कृत्रिम रूप से ट्यूबवेलों की मोटरें खराब होने से पैदा हुआ है। भुगतान न होने के कारण नगर पालिका के ठेकेदार मोटरें सुधार नहीं रहे। जिसके कारण वार्डो में पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही। वार्ड क्रमांक 20,31 और 27 में तो पिछले 20 दिन से पानी की सप्लाई नहीं हो रही। इसके अलावा कई अन्य वार्डो में भी मोटरें खराब होने से जल संकट गहरा रहा है और लोग पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं तथा एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।

यह स्थिति तब है जबकि शिवपुरी कलेक्टर और नपा प्रशासन को यहां के हालातों के बारे में समय-समय पर नागरिकों द्वारा अवगत कराया जा चुका है। पेयजल व्यवस्था का कोई धनी ढोरी नगर पालिका में नजर नहीं आ रहा। 4 जोन में बटे शिवपुरी शहर के चारों क्षेत्रों के ठेकेदारों ने काम करने से मना कर दिया है।

पुरानी शिवपुरी के तारकेश्वरी कॉलोनी में पानी को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है। इस कॉलोनी में स्थिति वोर की मोटर खराब हो गई। जिसके चलते कई बार यहां के निवासी नगर पालिका सहित अपने वार्ड पार्षद को अपनी समस्या बता चुके है। परंतु पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो जाने और इस नपा द्धारा ठेकेदारों का पेंमेंट न करने के चलते यह हालात है कि यहां 15 दिन से पानी के लिए त्राहि त्राहि मची हुई है।

फिजिकल क्षेत्र के मोटर दुरुस्तीकरण का ठेका जिस ठेकेदार रोहित शिवहरे पर है, उसका कहना है कि वह काम कर पाने में असमर्थ है क्योंकि पिछले 13 माह से उसे कोई भुगतान नहीं मिला है। ठेकेदार रोहित शिवहरे का आरोप है कि प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रही वह पेमेंट के लिए कई मर्तबा उन्हें अवगत करा चुके हैं मगर कलेक्टर ने कोई ध्यान नहीं दिया ऐसे में अब स्थिति है कि वह कोई काम नहीं कर सकता।

ठेकेदार रोहित  का कहना है कि नगरपालिका में ना तो मोटर हैं और ना ही उच्च स्तर की केवल जिसके कारण आए दिन मोटर फूंक रही हैं और पानी की सप्लाई ठप तो हो रही है। पूरे शहर का यही हाल है। अब इसके ठीक उलट अगर अधिकारियों का तर्क जाने तो सहायक यंत्री साहिल मैदावाला का कहना है कि उनका पानी की आपूर्ति से कोई लेना देना नहीं एई मुकेश जैन जाने।

उपयंत्री सुनील पांडे से जब बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें आए हुए ही अभी मात्र 12 दिन हुए हैं ऐसे में वे व्यवस्थाओं को समझेंगे। मुख्य नगरपालिका अधिकारी असहाय दिखाई दे रहे हैं। नागरिकों की दिक्कत यह है कि उन्हें पानी चाहिए। इस भीषण गर्मी में यदि पानी के लिए उन्हें यहां.वहां भटकना पड़े तो यह स्थिति लॉक डाउन का उल्लंघन होगी और तब की हालत में प्रशासन को बड़ी परेशानी का सामना इस प्यासी भीड़ से करना पड़ सकता है।

अब नियम की बात करें तो नियमानुसार 24 घंटे के भीतर किसी भी नलकूप की मोटर दुरुस्त कर फिर से नलकूप चालू करना ठेकेदार की टेंडर शर्तों में वर्णित होता है, मगर यहां नगर पालिका से मिलीभगत कर ठेकेदार पंद्रह-पंद्रह दिन तक भी मोटर सुधार के प्रति कोई रुचि नहीं लेते ऐसे में इनके विरुद्घ कार्यवाही करनी चाहिए मगर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवा को ठप करने पर एफआईआर का प्रावधान है मगर यहां प्रशासन खुद दविश में नजर आ रहा है।

इनका कहना है-
पानी की समस्या को लेकर कलेक्टर मैडम को हमने बताया है उनके कार्यकाल का भुगतान वे करने को तैयार हैं जल्द ही समस्या का हल निकलेगा, ठेकेदार यदि हीलाहवाली करते हैं तो कार्यवाही से भी नहीें चूकेंगे।
केके पटेरिया, सीएमओ