शिवपुरी। माध्यम शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल व हायर सेकेण्ड्री परीक्षा का महाकुंभ आज से प्रारंभ हो गया हैं। हायर सेकेण्ड्री का हिन्दी विशिष्ट का प्रश्न पत्र के दौरान कोई भी नकलची पकड़ में नहीं आया। जबकि शिक्षा विभाग द्वारा नकल को रोकने लिए विभिन्न स्थानों पर दस पैनल बनाए गए थे।
लेकिन उन्हें आज कोई भी छात्र नकल करते हुए नहीं मिला। जिले भर में हायर सेकेण्ड्री की परीक्षा में कुल 15548 छात्रों द्वारा नामांकन भरे गए थे। लेकिन उनमें से 15136 छात्र ही परीक्षा में उपस्थित रहे। जबकि 412 छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
विभिन्न विकास खण्डों पर निम्न प्रकार रही छात्रों की उपस्थिति
शिवपुरी जिले के आठ विकास खण्डों में से शिवपुरी जिला मुख्यालय पर बनाए गए परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा में कुल 3977 छात्रों में से 3890 उपस्थित रहे जबकि 87 छात्र अनुपस्थित रहे।
पिछोर में 2930 छात्रों में से 2843 उपस्थित जबकि 87 अनुपस्थित रहे। खनियांधाना में 920 छात्रों में से 899 उपस्थित रहे 21 छात्र अनपुस्थित रहे। करैरा में 2065 छात्रों में से 2010 उपस्थित 55 अनुपस्थित। नरवर में 1390 में से 1351 छात्र उपस्थित तथा 39 अनुपस्थित रहे। पोहरी 1994 छात्रों में से 1941 उपस्थित 53 अनुपस्थित, कोलारस में 684 में से 646 छात्र उपस्थित 38 अनुपस्थित रहे।
चाक चौबंद रही परीक्षा केन्द्रों पर व्यवस्थायें
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली वोर्ड की परीक्षाओं को सुनियोजित तरीके से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर चाक चौबंद व्यवस्थायें की गई। जिससे परीक्षा केन्द्रों पर नकल न हो सके। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा 10 पैनल तैयार किए गए थे।
साथ ही संवेदनशील परीक्षा केन्द्र पूर्व से ही चिन्हित कर लिए गए थे। जहां पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कई विद्यालय में पहुंचकर निरीक्षण किया और शिक्षकों को शांति पूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए।
गोवर्धन परीक्षा केन्द्र पर संचालक ने मनमाफिक शिक्षकों की लगवाई ड्यूटी
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली वोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी पोहरी ने गोवर्धन सेंटर के सभी शिक्षकों की डयूटी बदल दी हैं। बताया जाता हैं कि यह केन्द्र पूर्व में भी चर्चित रहा था और आज भी संचालक ने अपने मनमाफिक शिक्षकों को इस सेंटर ड्यूटी लगवा ली हैं।

