शिवपुरी अस्पताल प्रबंधन ने फूंक दी लाखों रूपए की दवायें, जांच के बाद होगी दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही | Shivpuri News

शिवपुरी। जिला अस्पताल में एक ओर जहां रोगियों को दवायें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। साथ ही चिकित्सालय के गोदाम में रखी-रखी दवायें खराब हो गई। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन द्वारा मरीजों को वितरित की जाने वाली दवाओं की होली जलाने का मामला प्रकाश में आया हैं। गत बुधवार को जलाई गई दवाओं के साक्ष्य मिटाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने मौके से न केवल राख, बल्कि दवांए भी फिकवा दीं। चिकित्सालय प्रबंधन का कहना हैं कि मामले की जांच करवाई जा रही हैं।

 मालूम हो, बधुवार को अस्पताल प्रबंधन ने चोरी छिपे लाखों रूपए की एक्सपायरी  डेट की दवांऐं अस्पताल परिसर के अंदर ही जला कर नष्ट कर दी थीं। इस पूरे मामले को ने 27 फरवरी के समाचार में मरीजों को बांटी नहीं, रखी-रखी एक्सपायर हो गई लाखों की दवाएं, बगैर प्रोसेस अब जला दी।

 अस्पताल प्रबंधन के द्वारा आनन-फानन में अस्पताल परिसर के अंदर दवायें जलाने के साक्ष्य मिटाने के लिए गुरूवार अल सुबह ही अस्पताल जलाने के साक्ष्य मिटा दिए गए इतना ही नहीं अधजली दवाओं के साथ वहां से राख तक अस्पताल परिसर के बाहर फिकवा दी गई। घटना स्थल को इतने ध्यान से साफ किया गया है कि मौके पर दवा का एक भी रैफर तक नहीं छोडा गया है।

 इस पूरे मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि हमने इस संबंध में अस्पताल से जानकारी मांगी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

कमीशन खोरी के फेर में खपत से अधिक क्रय की जाती हैं दवायें

जिला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा कमीशन के फेर में खपत से कहीं अधिक दवायें विभिन्न कंपनियों से क्रय कर ली जाती हैं। जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को सुगमता से दवायें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। कुछ ऐसी दवायें भी क्रय कर ली जाती हैं। जिनका कोई उपयोग ही नहीं होता।

इतना ही नहीं इसके अलावा जिला प्रबंधन द्वारा स्थानीय मेडीकल स्टोर के संचालकों संपर्क साध कर कमीशन के लालच में लाखों रूपए की दवायें बाहर के मेडीकल स्टोर से क्रय कर ली जाती हैं। जिसका भुगतान भी जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा किया जाता हैं। चिकित्सालय प्रबंधन की उपरोक्त कार्यप्रणाली की बजह से शासन को प्रतिवर्ष लाखों रूपए की क्षति का सामना करना पड़ता हैं।