पैदल मार्च किया सिंधिया ने: फिर झलका दर्द, संकट में सरकार आए न आए पर मैं आंउगा

कोलारस। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार की शाम कोलारस पहुंचे। कोलारस रेस्ट हाउस पर जन संवाद कार्यक्रम में सिंधिया ने प्रदेश शासन के चार मंत्री और प्रशासन के समक्ष लोगों की समस्या के निराकरण की पहल की। करीब एक घंटे तक सिंधिया कोलारस में रहे।

कांग्रेस नेताओं द्वारा आयोजित स्वागत के दौरान सिंधिया का एक बार फिर झलका, उन्होंने कहा कि मैंने सदैव माना है कि राजनीति सेवा का एक माध्यम है। आज मैं आपका सांसद नहीं, आपका जनप्रतिनिधि नहीं, लेकिन ये विश्वास रखना कि संकट में कोई सरकार या जनप्रतिनिधि आए या न आए, आपके परिवार का यह मुखिया आपके साथ रहेगा।

पूर्व सांसद सिंधिया ने कहा कि मैंने आप लोगों को बार-बार कहा है कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी क्षेत्र और संभाग की जनता का प्यार, आशीर्वाद, वरहदस्त सिंधिया परिवार के मुखिया पर बना रहे। इस प्यार और आशीर्वाद के लिए मैं अपने जीवन में बलिदान क्या दूं, ये जीवन भी त्याग करना पड़े तो आप लोगों के लिए हाजिर है।

सत्रह माह बाद पहली बार कोलारस आ रहा हूं। आपके जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, लेकिन एक साधारण व्यक्ति के रूप में। मैंने कई बार कहा है कि मेरे जीवन का लक्ष्य राजनीति न कभी थी, न है और न कभी होगी। मेरे जीवन का एक मात्र लक्ष्य मेरे संभाग की जनसेवा, प्रगति और विकास।

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी और शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर सिंधिया के साथ थे। कलेक्टर अनुग्रहा पी. और कलेक्टर राजेशसिंह चंदेल भी कोलारस पहुंचे।

खास बात यह रही कि पूर्व सांसद सिंधिया का काफिला जैसे ही कोलारस थाने के पास आकर रुका। यहां भारी भीड़ की वजह से सिंधिया गाड़ी से उतर गए और पैदल ही चलने लगे। रास्ते में जगह-जगह नेताओं ने स्वागत किया वह पैदल ही चलकर रेस्ट हाउस पहुंचे। करीब एक किमी दूरी पैदल चलकर तय की। इस दौरान पुलिस को भारी मशक्कत करना पड़ी।