झोलाछाप के ईलाज से मरीज की मौत के बाद 12 प्राणहर देवताओ की दुकाने बंद

कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के लुकवासा से आ रही हैं जहां बीते रोज एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन ने एक मरीज के प्राण हर लिए थे इसके बाद स्वास्थय विभाग सक्रिय हुआ। बताया जा रहा हैं कि सीएमएचओ शिवपुरी एएलशर्मा अपनी टीम के साथ लुकवासा पहुंचे जहां केवल एक वैदय की दुकान खुली मिली। बाकी सब झोला छाप डॉक्टर अपनी दुकाने बंद कर भाग गए।

जानकारी के मुताबिक लुकवासा कस्बे में सोमवार को ग्राम रिजौदा निवासी युवक गणेशराम बाथम गिर्राज श्रीवास्तव की दुकान पर इलाज कराने गया था। इलाज के दौरान इंजेक्शन लगा दिया और दवाएं देकर घर भेज दिया। इलाज के दो घंटे बाद गणेशराम की घर पर मौत हो गई।

परिजन सोमवार को गणेशराम का शव लेकर कोलारस आए। पुलिस ने पीएम कराकर मर्ग कायम कर लिया। फर्जी डॉक्टर के इलाज से युवक की मौत की घटना के बाद बुधवार को सीएमएचओ डॉ एएल शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी व एएसओ आईपी गोयल लुकवासा पहुंचे।

अधिकारियों के पहुंचने पर यहां अधिकतर फर्जी डॉक्टर अपने क्लीनिक बंद करके भाग निकले। 73 साल के रामसिंह रघुवंशी का क्लीनिक खुला मिला। पूछताछ करने पर रामसिंह ने कहा कि वह रोगियों को परामर्श देते हैं।

अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेज मांगे तो रामसिंह ने अपना सर्टिफिकेट दिखाया जो वैद्य विशारद का निकला। लेकिन रामसिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग में अपना कोई पंजीयन नहीं कराया था। इसलिए सीएमएचओ ने क्लीनिक बंद करा दिया है।

प्राथमिक अस्पताल की नर्स से सूची बनवाई, कस्बे में 12 फर्जी डॉक्टर निकले
अधिकारियों की टीम लुकवासा पहुंची तो अधिकतर फर्जी डॉक्टर अपने क्लीनिक बंद करके भाग गए थे।

इसके बाद अधिकारी प्राथमिक अस्पताल आए और यहां नर्स से फर्जी डॉक्टरों की सूची बनवाई। जिसमें 12 लोगों के नाम सामने आए हैं। संबंधितों पर कोई भी पंजीयन नहीं है। फिर भी सालों से इलाज कर रहे हैं। वहीं जिस क्लीनिक पर इलाज से युवक की मौत हुई है, वह भी बंद मिला।