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शहर के बच्चों को महानगरों जैसी शिक्षा उपलब्ध कराना ही मेरी जिद : शिक्षाविद उमेश श्रीवास्तव

Star of Shivpuri। अपने शहर के बच्चो को महानगरो जैसी शिक्षा उपलब्ध कराना मेरा संकल्प हैं,बच्चो को दूसरे शहरो मे बहार शिक्षा के लिए भेजा जाता हैं जिससे बच्चे का समय और पैरेटंस का पैसा अधिक बर्बाद होता हैं,बच्चे को शिवपुरी में ही महानगरो जैसी शिक्षा अपने शहर में हो तो वह पैरेटंस की देख-रेख में उच्च प्रर्दशन कर सकता हैं यह कहना हैं शिवपुरी के सक्सेस पोईंट के डारेक्टर उमेश श्रीवास्तव का।

शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की संवाददाता खुशबू शिवहरे से शिक्षाविद उमेश श्रीवास्तव से बातचीत की। इससे पहले हम शिक्षाविद श्रीवास्तव का पूरा परिचय कराते हैं। नाम उमेश श्रीवास्तव शहर में आईआईटीएन और मेडिकल गुरू के रूप में पहचान,पिता का नाम स्व:श्री बृजनारायण श्रीवास्तव,शिक्षा एमएससी कैमिस्ट्री,संस्था का नाम सक्सेस पोंईट कैरियर एंड एज्यूकेशन अनुभव 15 वर्ष शहर से पूर्व में कोटा और जयपुर जैसे महानगरो में बच्चो को कौचिंग देना।

शिक्षा के क्षेत्र में आने का कारण पर बात करते हुए उमेश सर ने कहा कि पहले में मेडिकल लाईन में था,हम पूरा जोर लगाने के बाद भी अपना शत—प्रतिशत नही दे पा रहे थे। शिक्षा के क्षेत्र में स्टूडेंट था जब पढाने को लेकर आकृषित था। शिक्षा एक ऐसा धन है जिसे बाटने पर बढता हैं,हम अपनी शिक्षा से स्टूडेंटो के भविष्य का निर्माण कर सकते है,और हमारे जैसे शिक्षाविद के ज्ञान के बल पर व्यक्ति अपने मुकाम पर पहुंचता हैं।

इस क्षेत्र में अपने टारगेट अचीव करने लिए हमारे संस्थान में ऐसी शिक्षण व्यवस्था तैयार करने की थी,कि हमारे यह पढा हुआ स्टूडेंट अपने जीवन के टारगेट को पूरा कर सके। कहते है कि जब आपका उददेश्य महान होता हैं,तो कठिन कार्य एक विकल्प नही आवश्यक होता हैं। गुणवत्ता युक्त शिक्षा का स्ट्रेक्चर तैयार करना आवश्यक था। वह हमने किया,और इसमें मेरा कोटा और जयपुर की कोचिंगो में पढाने का अनुभव काम आया।

अब जब आपके सक्सेंस पाईंट में पढे सैकडो बच्चे देश के विभिन्न मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज में प्रवेश लेकर अपने सपना को पूरा करने के लिए आगे बढ रहे हैं एंव निरतंर आपके संस्थान में बच्चे पढने के लिए आ रहे हैं अब इस लक्ष्य को प्राप्त करने पर अपनी सफलता को कैसे देखते हैं इस प्रश्न पर उमेश सर ने कहा कि अभी मैं इस लक्ष्य को सफल नही मानता हूं,अभी शहर के शिक्षा के क्षेत्र में आगे बहुत कुछ करना हैं। इंसान को अपने उददेश्य और लक्ष्य को बढाते रहना चाहिए। सफलता पाना सरल हो सकता हैं लेकिन सफलता को निरतंर बनाए रखना ही बडा काम होता हैं।

जो बच्चे अपने भविष्य के लिए कामपिटीशन की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए संदेश में उमेश सर ने कहा कि स्टूडेंट लाईफ में सर्वप्रथम स्टूडेंट को अपने भौतिक सुख सुविधा और असाधारण परिस्थती में भी अपने टारगेट पर ही पूरा मन लगाना चाहिए,अपने टारगेट से डरे नही बल्कि एंन्जाय करे। अपने टारगेट के प्रति कठिन परिश्रम,गंभीरता और प्राप्त करने की भूख होना अति आवश्यक हैं। सबसे बडी बात स्टूडेंट का समय ही पारस पत्थर हैं और इसका पूर्ण उपयोग से ही अपका जीवन सोने जैसा खरा होगा।

भाग्य और कर्म पर विश्वास करते है इस प्रश्न पर कहा कि कर्म पर,कर्म पर कैसे तो उमेश सर ने कहा कि हमारा धर्म भी हमे कर्म प्रधान का ज्ञान देता हैं संसार की सबसे महान ग्रंथ पूरा कर्म पर ही आधारित हैं। कर्म ही प्रधान हैं अगर कर्म संस्कारयुक्त होगें तो आप अपने सुनहरे भविष्य के स्वयं निर्माता होंगें।

अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि अच्छे संस्कार और मेहनत करने की सीख हमे शुरू से ही घर से मिली हैं,समाज कैसा होना चाहिए इस पर कहा कि वर्तमान समय में समाज धर्म और जाति में और समुदाओ में बट गया हैं,हमे इन सब बातो से निकलकर सिर्फ राष्ट्र हित की बात करना चाहिए।

आज के किताबी ज्ञान और नैतिक शिक्षा पर बात करते हुए उमेश सर ने कहा कि किताबी शिक्षा आपको ज्ञान देती हैं,लेकिन नैतिक शिक्षा मुल्यत:आपके संस्कारो को कह सकते हैं आपकी नैतिक शिक्षा ही आपके सोचने के नजरिया,विपरित परिस्थतियो में आपका संघर्ष कराना आपके लक्ष्य से न भटकने देने का कार्य करती हैं।

शिक्षाविद उमेश श्रीवास्तव अपने संस्थान में आईआईटी और मेडिकल के लिए अपने स्टूडेंटो को तैयार करते हैं साथ में 11वीं और 12वीं क्लास के बच्चो को केमिस्ट्री का अध्यन्न कराते हैं। इसके अतिरिक्त समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं स्वच्छ शिवपुरी और स्वस्थय शिवपुरी के मिशन पर काम कर रहे है।पर्यावरण के लिए लगातार अपने बच्चो को भी उत्साहित करते रहते हैं। स्वच्छ शिवपुरी ओर स्वस्थय शिवपुरी के अभियान के तहत उनकी पूरी टीम लगातार शहर में वृक्षारोपण कर रही हैं,एंव अपने समाज के अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की युवा बिंग के जिलाध्यक्ष है।