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विश्व हिंदू परिषद बैराड ने गौंवश की तस्करी को रोकने के​ लिए सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन | Badarwas News

बैराड़। विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल  बैराड़ द्वारा मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेंध संशोधन विधेयक 2019 को समाप्त किए जाने को लेकर राज्ययपाल के नाम बैराड़ तहसील पर ज्ञापन सौंपा गया। उक्त  ज्ञापन के अनुसार मध्यप्रदेश शासन राजपत्र में दिनांक 17 जुलाई 2019 को विधेयक पारित किया गया है जिसके अंतर्गत गौ प्रेमी व गौ रक्षक गोवंश तस्करी रोकने का प्रयास करेगा या  रोकेगा तो गौ तस्कर उसे झूठे मामले में फंसा सकते हैं।

उक्त ज्ञापन के अनुसार इस सब के डर से कोई भी सामान्य नागरिक या संगठन का कार्यकर्ता रिपोर्ट दर्ज कराने तक आगे नही आऐगा। और गोवंश तस्करी को बढ़ावा मिलेगा जो कि मूल अधिनियम के प्रावधानों एवं उद्देश्यों के विपरीत एवं दंड प्रक्रिया संहिता प्रसंज्ञेय अपराधी को पकड़ना प्रथम सूचना प्रतिवेदन देना आदि नागरिक अधिकारों में आता है अतएव सामान्य नागरिक के नाते भी गौ रक्षा का कार्य नहीं कर सकेगा। जिससे नागरिक अधिकारों का भी हनन होगा। और उसका सीधा लाभ गोवंश तस्करों को मिलेगा, और गोवंश तस्करी बढ़ेगी।

इसके साथ ही प्रस्तुत ज्ञापन मे धारा 6 (ग) में गोवंश तस्कर के साथ मारपीट अहिंसा किए जाने पर आई.पी.सी की धारा के अंतर्गत कार्रवाई होती है। जबकि संशोधन से यदि किसी व्यक्ति के द्वारा गोवंश वध के आरोपी के साथ मारपीट की गई या हिंसा का प्रयास किया गया तो कार्यवाही की जावेगी। और धारा 9 की उपधारा (3) में 3 वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया है। विधि विरुद्ध जमाव की स्थिति में 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है और विचारण सत्र न्यायालय में किया जावेगा। जबकि गोवंश वध करने वाले अपराधी का विचारण न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के सक्षम होगा। उक्त संशोधन तस्करों के लिए कमजोर एवं गौ सेवकों के लिए कठोर बनाया गया है जिससे हिंदू समाज आक्रोशित है।

कमलनाथ जी की सरकार ने अपने मेनिफेस्टो में प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौशाला खोलने का वादा किया था। जिसे पूरा करने की बजाय गोवंश तस्करों और मीट लाभी (व्यापारियों) को खुश करने के लिए यह संशोधन 2019 लाया गया है। जो  कि महात्मा गांधी के विचारों सहित पूरे हिंदू समाज की अप्रत्यक्ष हत्या है साथ ही निवेदन करते हुए कहा कि 17 जुलाई 2019 को पारित गोवंश प्रतिषेध अधिनियम संशोधन को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। और निवेदन है कि हिंदू समाज की मांग मानी जाए।

अन्यथा हिंदू समाज गौसेवक, गौरक्षक, गौप्रेमी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी मध्य प्रदेश शासन, प्रशासन की होगी इस ज्ञापन मे विश्व हिन्दू परिषद अध्यक्ष दिलीप मरैया, धर्मवीर राठौर,आशुतोष व्यास, धीरज (सोनू) ओझा, प्रिन्स प्रजापति, विकास तोमर, कारू ओझा, योगेश बर्मा,दिलीप यादव,आशिव ग्वारिया, कालीचरन चन्देल, हेमंत रावत, रवि सोनी,भगवती सिंघल, माखन धाकड़ पत्रकार, सुनील मुदगल,रवि गोयल, डॉ आशीष धाकड़, किसान संघ अध्यक्ष बृजेश धाकड़ आदि सैंकड़ों की संख्या मे कार्यकर्ता व हिन्दू भाई उपस्थित रहे।

यह रखीं मांगे
1. 2004 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 17 जुलाई 2018 किया गया संशोधन तुरंत समाप्त किया जाए
2. प्रदेश में बढ़ रही गौ तस्करी को रोका जाए।
3. किसी भी वक्त पर झूठी कार्रवाई किसी भी तस्कर के प्रभाव में आकर नहीं की जावे।
4. चुनावी घोषणा पत्र में प्रत्येक पंचायत में गौशाला खोलने के वादे को सरकार पूरा करे।
5. गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर चारागाह से गाजर घास विदेशी बबूल झाड़ियों को हटाकर घास की उच्च किस्म की प्रजातियां लगाई जाए।
6. पूर्व से संचालित गौशालाओं को नवीन गोशाला की तरह राशि आवंटित कर नस्ल सुधार एवं गोवंश आधारित कृषि हेतु मनरेगा से जोड़े।
7. बारिश में रोड पर बैठी हुए खुले हेतु तुरंत अस्थाई गौशाला की व्यवस्था की जाए।
8. एक्सीडेंटली गोवंसों के लिए हेड्रोलिक एंबुलेंस गस्त शुरू की जाए।