टीआई ने थाने बुलाकर कोर्ट का फैसला पलटवा दिया: शिकायत | kolaras News

कोलारस। ट्रेक्टर व्यवसायी राकेश शर्मा ने एसपी शिवपुरी से शिकायत की है कि टीआई कोलारस एसएस सिकरवार ने उन्हे थाने बुलाकर एक ऐसे मामले में लिखापड़ी करवा ली, जिसका न्यायालय में फैसला हो चुका है। मामला 2 लाख रुपए के चेकबाउंस का है। विवाद राकेश शर्मा और मनीष शर्मा के बीच है। राकेश शर्मा का आरोप है कि टीआई सिकरवार मनीष शर्मा के पक्ष में पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। 

मामला क्या है

ट्रेक्टर व्यवसायी राकेश शर्मा ने बताया कि मनीष शर्मा निवासी रन्नौद को उन्होंने 2 लाख रूपए उधार दिया था और जब उन्होंने अपनी उधार दी गई राशि को वापस मांगा तो मनीष ने उन्हें दो लाख रूपए का चैक दिया। उन्होंने उसे बैंक में लगाया तो खाते में राशि न होने के चलते चैक बाउंस हो गया। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मनीष शर्मा को 1 साल की सजा 2 लाख रूपए अदा करने के निर्देश दिए थे लेकिन मनीष शर्मा ने यह राशि तो लौटाई नहीं बल्कि टीआई एसएस सिकरवार के माध्यम से ट्रेक्टर व्यवसायी राकेश पर दबाव बनाया कि उनका मनीष से किसी प्रकार के पैसे का लेनदेन नहीं हैं, यह वह लिखकर दें। यदि वह लिखकर नहीं देंगे तो वह उन्हे 420 के झूठे केस में फंसा देंगे।

विवादों से पुराना नाता

कोलारस थाना प्रभारी एसएस सिकरवार का विवादों से पुराना नाता है। आरोप है कि टीआई सिकरवार ने एक यात्री बस को बेवजह 4 घंटे तक रोके रखा जबकि उसमें यात्री सवार थे। कुछ दिनों पूर्व एसडीएम आशीष तिवारी को गोली मारने की धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कहा जा रहा है कि टीआई सिकरवार को कांग्रेस नेताओं की सरपरस्ती हासिल है। 

पूरे मामले को दिखवा रहा हूं: एसपी शिवपुरी

राजेश सिंह चंदेल, एसपी शिवपुरी ने कहा व्यवसायी राकेश शर्मा के मामले की जानकारी मुझे मिली है। मैंने एसडीओपी कोलारस को दस्तावेज परीक्षण के लिए निर्देशित किया है। पूरे मामले को दिखवा रहा हूं।

हां दोनों को थाने बुलाया था: टीआई 

एसएस सिकरवार, टीआई कोलारस ने कहा कि ट्रेक्टर व्यवसायी राकेश शर्मा को थाने बुलाया था। मनीष शर्मा और राकेश शर्मा दोनों को बुलाकर पूछताछ की थी। जब मनीष के मामले में कोर्ट के आदेश की बात शर्मा ने बताई तो मैंने परीक्षण कराने को कहा और कोई लिखा पढी नहीं कराई। शर्मा के विरुद्ध 406 का एक अन्य केस दर्ज है। उसकी जांच के संबंध में एसडीओपी ही बताएंगे।