शिवपुरी मे पानी निकासी के लिए खोदा गया गड्ढा बन गया मोहर सिंह की कब्र, इधर दूसरी मौत

Adhiraj Awasthi

कोलारस । रविवार का दिन कोलारस क्षेत्र के लिए काले रविवार के रूप में सामने आया। महज़ कुछ घंटों के भीतर दो अलग-अलग गांवों में हुए हादसों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। अटरूनी में जहां विकास कार्य के लिए खोदा गया गड्ढा एक मजदूर की कब्र बन गया, वहीं कांकरा गांव में बिजली के तार जोड़ते समय करंट ने एक युवा की जान ले ली। इन घटनाओं ने एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों और ठेकेदारों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अटरूनी में मिट्टी धंसने से मजदूर की दर्दनाक मौत
अटरूनी रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार शाम करीब 5 बजे अफरा-तफरी मच गई, जब पानी निकासी के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में काम कर रहे 38 वर्षीय मोहर सिंह कुशवाह पर अचानक ऊपर से भारी भरकम मिट्टी का ढेर गिर गया। मोहर सिंह मिट्टी के नीचे पूरी तरह दब गए। आस-पास मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

ठेकेदार की जिद ने ली जान
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मोहर सिंह पिछले एक साल से ₹600 की दिहाड़ी पर ठेकेदार के पास काम कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और ठेकेदार ने ही उन्हें जबरन गहरे गड्ढे में उतारा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कांकरा में ट्रांसफार्मर पर काम करते वक्त दौड़ा मौत का करंट
अभी अटरूनी की घटना का शोक कम भी नहीं हुआ था कि देर रात करीब 2 बजे कांकरा गांव से एक और दिल दहला देने वाली खबर आई। यहाँ 22 वर्षीय युवक कन्हैया यादव बिजली के ट्रांसफार्मर पर तार ठीक करने चढ़े थे। इसी दौरान अचानक आए तेज करंट (हाई वोल्टेज) की चपेट में वह आ गए और बेहोश होकर नीचे गिर पड़े। आनन-फानन में परिजन उन्हें कोलारस स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कन्हैया की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव सौंप दिया है।