शिवपुरी। भारतीय सनातन संस्कृति और वैदिक पद्धति के संरक्षण हेतु विश्व गीता प्रतिष्ठानम् शिवपुरी द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 19 मार्च को हिंदू नववर्ष का भव्य आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय झांसी रोड स्थित भुमिया बाबा स्थल पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शहरवासी पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होकर नूतन वर्ष का अभिनंदन करेंगे।
भोर की पहली किरण के साथ शुरू होंगे कार्यक्रम
विश्व गीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय संगठन मंत्री विष्णु प्रसाद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 5:40 बजे मंगल तिलक और मधुर गीत-संगीत के साथ होगा। इसके पश्चात ठीक 6 बजे दीप प्रज्वलन, दीप प्रार्थना और ब्रह्म ध्वजारोहण किया जाएगा। कार्यक्रम में वैदिक राष्ट्र गीत और वंदे मातरम के माध्यम से राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।
वैदिक अनुष्ठान और सामूहिक गीता गान
वहीं विश्व गीता प्रतिष्ठानम के जिला संयोजक ओ.पी.शिवहरे ने बताया कि संवत्सर के स्वागत में स्वस्तिवाचन, मंगल पाठ और संकल्प वाचन के साथ ही प्रातः 6:23 बजे सूर्य उपस्थान किया जाएगा। इस दौरान सूर्य के 12 नामों का उच्चारण करते हुए सामूहिक प्रणाम व नमस्कार किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीमद्भागवत गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक गायन होगा, जिसके बाद भारतीय काल गणना पर विशेषज्ञों द्वारा उद्बोधन दिया जाएगा।
पारंपरिक वेशभूषा का आग्रह
आयोजकों ने कार्यक्रम की भव्यता बनाए रखने के लिए पुरुषों से सफेद या केसरिया और महिलाओं से पीले, केसरिया अथवा लाल वस्त्र पहनकर आने का आग्रह किया है। श्रद्धालु अपने साथ व्यक्तिगत जल पात्र, रोली, चंदन, अक्षत और आरती की सामग्री भी लेकर आएंगे।
प्रसाद वितरण और नूतन शुभकामनाएं
कार्यक्रम का समापन प्रातः 7:00 बजे आरती, शंख वादन, कल्याण मंत्र और प्रसाद वितरण के साथ होगा। विश्व गीता प्रतिष्ठानम् ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भुमिया बाबा स्थल पहुंचकर अपनी गौरवशाली संस्कृति और काल गणना के इस उत्सव का हिस्सा बनें।
भोर की पहली किरण के साथ शुरू होंगे कार्यक्रम
विश्व गीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय संगठन मंत्री विष्णु प्रसाद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 5:40 बजे मंगल तिलक और मधुर गीत-संगीत के साथ होगा। इसके पश्चात ठीक 6 बजे दीप प्रज्वलन, दीप प्रार्थना और ब्रह्म ध्वजारोहण किया जाएगा। कार्यक्रम में वैदिक राष्ट्र गीत और वंदे मातरम के माध्यम से राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।
वैदिक अनुष्ठान और सामूहिक गीता गान
वहीं विश्व गीता प्रतिष्ठानम के जिला संयोजक ओ.पी.शिवहरे ने बताया कि संवत्सर के स्वागत में स्वस्तिवाचन, मंगल पाठ और संकल्प वाचन के साथ ही प्रातः 6:23 बजे सूर्य उपस्थान किया जाएगा। इस दौरान सूर्य के 12 नामों का उच्चारण करते हुए सामूहिक प्रणाम व नमस्कार किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीमद्भागवत गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक गायन होगा, जिसके बाद भारतीय काल गणना पर विशेषज्ञों द्वारा उद्बोधन दिया जाएगा।
पारंपरिक वेशभूषा का आग्रह
आयोजकों ने कार्यक्रम की भव्यता बनाए रखने के लिए पुरुषों से सफेद या केसरिया और महिलाओं से पीले, केसरिया अथवा लाल वस्त्र पहनकर आने का आग्रह किया है। श्रद्धालु अपने साथ व्यक्तिगत जल पात्र, रोली, चंदन, अक्षत और आरती की सामग्री भी लेकर आएंगे।
प्रसाद वितरण और नूतन शुभकामनाएं
कार्यक्रम का समापन प्रातः 7:00 बजे आरती, शंख वादन, कल्याण मंत्र और प्रसाद वितरण के साथ होगा। विश्व गीता प्रतिष्ठानम् ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भुमिया बाबा स्थल पहुंचकर अपनी गौरवशाली संस्कृति और काल गणना के इस उत्सव का हिस्सा बनें।