शिवपुरी। बुधवार को शिवपुरी जिला पूरी तरह से फागुनी मस्ती में डूबा नजर आया। सुबह से ही क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या जवान-हर कोई रंगों के सैलाब में सराबोर था। इस साल की होली की सबसे खास बात यह रही कि आम जन ने पानी की बर्बादी को कम करते हुए केमिकल युक्त रंगों से दूरी बनाई और गुलाल की रंग में रंगे आम जनों ने गले लगकर गुलाल लगाते हुए होली की बधाइयां दी।
त्योहार का सबसे दिलचस्प नजारा कलेक्टर निवास पर देखने को मिला। यहाँ आयोजित होली मिलन समारोह में प्रशासन और जनता के बीच की दूरियां मिट गईं। कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जब माइक थामकर "मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है" गाना शुरू किया, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। प्रशासनिक अधिकारियों का यह आत्मीय अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।
युवाओं का हुड़दंग और कप्तान की सख्ती
शहर के माधव चौक सहित प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही युवाओं की टोलियां डीजे और ढोल की थाप पर झूमती नजर आईं। हालांकि, कुछ युवाओं का जोश जब अनुशासन की सीमा लांघने लगा, तो खुद एसपी अमन सिंह राठौड़ मोर्चा संभालने सड़कों पर उतरे। उन्होंने तेज आवाज में ट्रैक्टर दौड़ा रहे हुड़दंगियों को रोककर कड़ी समझाइश दी। पुलिस की मुस्तैदी के कारण शहर में शांति बनी रही और हुड़दंग पर नियंत्रण रहा।
पोहरी में मिनी ब्रज का नजारा
अंचल की परंपराओं की बात करें तो पोहरी कस्बे के राधा-कृष्ण मंदिर में ब्रज की तर्ज पर ऐतिहासिक लट्ठमार होली का आयोजन किया गया। यहाँ गोपियों ने जब गोपों पर प्रतीकात्मक लाठियां बरसाईं, तो पूरा वातावरण 'राधे-राधे' और फाग के गीतों से गुंजायमान हो उठा। ग्रामीण अंचलों में ढोल-मंजीरों के साथ फाग गाने की परंपरा ने उत्सव में चार चांद लगा दिए।
पानी से दूरी, गुलाल से यारी
इस बार शिवपुरी के नागरिकों में जागरूकता का असर साफ दिखा। लोगों ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए ड्राय होली को प्राथमिकता दी। केमिकल वाले पक्के रंगों के बजाय हर्बल गुलाल का उपयोग किया गया, जिससे अस्पतालों में स्किन इंफेक्शन के मामले कम देखे गए। महिलाओं ने भी अपने घरों के बाहर पड़ोसियों के साथ पारंपरिक पकवानों और गीतों के साथ गरिमापूर्ण तरीके से पर्व मनाया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिले भर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ड्रंक एंड ड्राइव और तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह चेकिंग पॉइंट लगाए गए थे। पुलिस की इस सक्रियता के चलते आम जन ने बिना किसी खौफ के निर्भय होकर रंगों के इस महापर्व का आनंद लिया।