तुलसी आश्रम शिवपुरी में ब्राह्मण एकता के मंत्र, संवेदनशील मुद्दों पर एकजुटता का आह्वान - Shivpuri News

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शहर के ऐतिहासिक बड़े हनुमान मंदिर तुलसी आश्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन एवं परशुराम कल्याण बोर्ड जिला इकाई शिवपुरी के संयुक्त तत्वावधान में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। भक्ति, भाईचारे और सामाजिक विमर्श के इस संगम में समाज के प्रबुद्धजनों ने शिरकत की।

भजन और फाग से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव, सीताराम, हनुमान जी और गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमाओं पर अबीर-गुलाल अर्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात पंडित सुरेश शर्मा ऐचबाडा (जिला अध्यक्ष, गीता महोत्सव), पंडित रमेश कोठारी और महावीर मुद्गल की टीम ने फाग गीतों और भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। सामाजिक बंधुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और फूलों की होली खेलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

संवेदनशील मुद्दों पर एकजुटता का आह्वान
परशुराम कल्याण बोर्ड के जिला प्रभारी पंडित श्रीनिवास उपाध्याय ने आरक्षण और UGC जैसे ज्वलंत विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि सवर्ण समाज को अपने अधिकारों और भविष्य की चुनौतियों के लिए एकजुट रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष के बिना संवेदनशील मुद्दों का समाधान संभव नहीं है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष पंडित पुरुषोत्तम कांत शर्मा ने रंग पंचमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व सात्विकता का संचार और नकारात्मकता के नाश का प्रतीक है। उन्होंने इसे राधा-कृष्ण के प्रेम उत्सव से जोड़ते हुए जीवन में खुशहाली लाने वाला त्यौहार बताया।

शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति पर जोर
विशिष्ट अतिथि पंडित माधव शरण दुबे ने समाज को नशे की बुराई से दूर रहने और बच्चों की शिक्षा पर निवेश करने की सलाह दी। वहीं, डॉ. एस.के. पुराणिक ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी संस्कृति जीवित रहती है और आने वाली पीढ़ी त्योहारों के मर्म को समझती है।

पंडित कैलाश नारायण भार्गव ने ब्राह्मण समाज के गौरव और आचरण पर विचार रखते हुए कहा कि दया, क्षमा और परोपकार ही हमारी श्रेष्ठता का आधार हैं, जिसे हमें बचाए रखना होगा। पंडित महावीर उपाध्याय ने भाईचारे का संदेश दिया।

सम्मान और उपस्थिति
कार्यक्रम में घनश्याम दास महाराज का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन हरगोविंद शर्मा ने किया और आभार महावीर मुद्गल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, राम प्रकाश शर्मा, हरि बल्लभ शर्मा, देवेंद्र मड़वास, राकेश बिरथरे, नलिन अवस्थी, राजेंद्र शर्मा, यशवंत भार्गव सहित अनेक गणमान्य विप्र बंधु उपस्थित रहे।